नई दिल्ली, पीटीआइ। चीनी मोबाइल कंपनी वीवो की भारतीय शाखाओं पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) लगातार छापे मार रहा है। ऐसे में खबर है कि ईडी ने वीवो के लगभग 44 शाखाओं पर छापे मारे हैं। वहीं चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ से पूछे जाने पर उन्होंने कह कि हम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। झाओ ने कहा कि विदेश व्यापार के मामले में चीन ने सभी नियमों का सदैव पालन किया है। ऐसे में चीन को उम्मीद है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो फैसला वीवो कंपनी के पक्ष में आएगा।

दरअसल, भारत का आरोप है कि वीवो मोबाइल कंपनी धन शोधन मामले में शामिल है। ऐसे में मंगलवार को वीवो के लगभग 44 शाखाओं पर ईडी ने छापा मारा। जिनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मेघालय, महाराष्ट्र समेत और भी राज्यों में ईडी ने छापा मारा। वहीं, चीनी दूतावास ने कहा कि भारत की इस तरह की गतिविधियों से व्यावसायिक कार्यों में बाधा उत्पन्न होती है। इसके चलते वैश्विक स्तर पर उद्यमियों का मनोबल कम होता है जिससे समूचा बाजार प्रभावित होता है।

भारत में चीनी दूतावास ने कहा कि 2021 में ही भारत-चीन के बीच 100 बिलियन डालर का ऐतिहासिक द्विपक्षीय व्यापार था। मगर भारत के द्वारा वीवो के साथ की जी रही छापेमारी उचित नहीं है। बावजूद हम उम्मीद करते हैं कि ईडी सभी नियम कानून के दायरे में अपना काम करेगी और हम जीतेंगे।

वीवो पर इस कार्रवाई का संदेश उनके लिए भी है जो भारत के नागरिक होते हुए इन कंपनियों से फायदा लेने के चलते देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं। बताया जा रहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर हुए गतिरोध के बाद से ही चीन समर्थित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी चल रही है।

वहीं, ईडी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में इस एजेंसी के वितरक के खिलाफ आरोप लगा था कि उसने बहुतेरे शेयरधारकों के फर्जी दस्तावेज बनाए थे।

सूत्रों ने बताया कि ईडी के संभावित छापे के चलते वीवो के साथ एसोसिएट फर्म जीपीआइसीपीएल के निदेशक झेंगशेन ओउ और झांग जी पिछले साल ही भारत से फरार हो गए। मगर वीवो इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि वे ईडी के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं।

Edited By: Deepak Yadav