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बंगाल में ED की रेड का A To Z: कोयले की काली कमाई से हवाला तक... भड़कीं CM और क्रॉस FIR का पूरा अपडेट

Published: Thu, 08 Jan 2026 08:16 PM (IST)

कोलकाता में ईडी ने कोयला तस्करी मामले में आई-पैक और प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ...और पढ़ें

बंगाल में ED की छापेमारी में अब तक क्या-क्या हुआ?

बंगाल में ED की छापेमारी में अब तक क्या-क्या हुआ?

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। ईडी की ओर से गुरुवार को कोलकाता में बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक व चुनावी प्रबंधन का काम कर रही संस्था इंडियन पालिटिकल एक्शन कमेटी (आइ-पैक) और इसके निदेशक प्रतीक जैन के परिसरों पर कोयला तस्करी मामले में धनशोधन की जांच के तहत चलाए गए मैराथन तलाश अभियान के दौरान अभूतपूर्व हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।

लगभग 12 घंटे तक चली छापेमारी से तिलमिलाई मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले सुबह में लाउडन स्ट्रीट स्थित जैन के आवास पर पहुंची तथा उसके बाद साल्टलेक सेक्टर-5 स्थित कार्यालय गईं। ममता यहां से एक फाइल व लैपटाप लेकर निकलीं। इसके बाद वह यहां करीब चार घंटे तक रही।

उन्होंने ईडी की कार्रवाई की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी छापेमारी के दौरान हार्ड डिस्क, पार्टी के आंतरिक व चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज, संवेदनशील संगठनात्मक डाटा और उम्मीदवारों की गोपनीय सूची, SIR का डेटा सहित लैपटाप, फोन व दस्तावेज सब चुराकर व लूटकर ले गई।

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ईडी ने कोयला तस्करी मामले में आई-पैक पर छापेमारी की

ममता ने कहा कि यह अपराध है। इसके लिए ईडी के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। दूसरी ओर ईडी ने जांच में बाधा डालने व दस्तावेज व डिजिटल सुबूतों को जबरन छीनने का आरोप लगाया। इसे लेकर ईडी ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मामले पर कल सुनवाई की संभावना है।

बता दें कि प्रतीक जैन आई-पैक के सह-संस्थापक व बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के आइटी प्रकोष्ठ के प्रमुख भी हैं। यह पूरी कार्रवाई नवंबर 2020 में दर्ज सीबीआई की FIR और उसके बाद ईडी द्वारा दर्ज ईसीआइआर पर आधारित है, जिसमें मुख्य आरोपित अनूप माजी और उसके सहयोगियों पर ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के पट्टा क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला खनन करने और उसे बंगाल के विभिन्न जिलों में बेचने का आरोप है।

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हवाला नेटवर्क का पता चला

ईडी की जांच में इस तस्करी के पीछे एक बड़े हवाला नेटवर्क का पता चला है। जांच के अनुसार, कोयला तस्करी से प्राप्त करोड़ों रुपये की अवैध कमाई को हवाला आपरेटरों के जरिए स्थानांतरित किया गया। चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि इस नेटवर्क के जरिए आई-पैकको भारी मात्रा में फंड ट्रांसफर किया गया।

इस कड़ी के तहत दिल्ली में चार और कोलकाता में छह स्थानों पर छापेमारी की गई। ईडी के अनुसार, तलाशी की प्रक्रिया पेशेवर तरीके से चल रही थी।

लेकिन दोपहर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने काफिले और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर आई-पैक के कार्यालय तथा जैन के आवास पर पहुंच गईं और वहां से महत्वपूर्ण भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक उपकरण अपने कब्जे में ले लिए।

उनके सहयोगियों और राज्य पुलिस ने डिजिटल और दस्तावेजी सुबूतों को जबरन हटा दिया। इस दौरान कोलकाता के पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा भी उपस्थित थे।

कोलकाता पुलिस की भूमिका पर सवाल

छापेमारी के दौरान कोलकाता पुलिस के शीर्ष अधिकारियों, जिनमें पुलिस आयुक्त और उपायुक्त (दक्षिण) शामिल थे, ने परिसर में प्रवेश कर ईडी अधिकारियों के पहचान पत्रों की जांच की।

ईडी का कहना है कि उनकी कार्रवाई पूरी तरह कानूनी थी, लेकिन राज्य प्रशासन के हस्तक्षेप ने पीएमएलए के तहत चल रही जांच में बड़ी बाधा उत्पन्न की है।

ईडी का स्पष्टीकरण-राजनीतिक नहीं, साक्ष्य आधारित कार्रवाई

विवाद बढ़ता देख ईडी ने स्पष्ट किया है कि यह छापेमारी किसी राजनीतिक दल या चुनाव से प्रेरित नहीं है। किसी भी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है।

यह कार्रवाई मनी लांड्रिंग के खिलाफ एक नियमित कानूनी प्रक्रिया है। तलाशी अभियान पूरी तरह से स्थापित कानूनी सुरक्षा उपायों के अनुरूप चलाया गया है।

प्रतीक जैन के स्वजनों ने ईडी के खिलाफ दर्ज कराई FIR

प्रतीक जैन के स्वजनों की ओर से कोलकाता के शेक्सपियर सरणी थाने में ईडी के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। उन्होंने लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास में चोरी का लगाया आरोप है।