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2,800 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गुजरात, महाराष्ट्र में ईडी के छापे; बड़े पैमाने पर धन बाहर भेजने का आरोप

पपलाज फॉरेन ट्रेड एलएलपी से जुड़े 2800 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गुजरात और महाराष्ट्र के चार शहरों में छापेमारी की है। ईडी की सूरत स्थित इकाई ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) 1999 के प्रविधानों के तहत पपलाज फॉरेन ट्रेड एलएलपी उसके साझेदारों के परिसरों में सूरत वडोदरा मुंबई और पुणे में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

By Jagran News Edited By: Siddharth Chaurasiya Tue, 09 Jul 2024 06:00 AM (IST)
2,800 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गुजरात और महाराष्ट्र के चार शहरों में छापेमारी की है।

एएनआई, नई दिल्ली। पपलाज फॉरेन ट्रेड एलएलपी से जुड़े 2,800 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने गुजरात और महाराष्ट्र के चार शहरों में छापेमारी की है। ईडी की सूरत स्थित इकाई ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 के प्रविधानों के तहत पपलाज फॉरेन ट्रेड एलएलपी, उसके साझेदारों सोमाभाई सुंदरभाई मीना और ओजसकुमार मोहनलाल नाइक तथा उनके सहयोगियों के परिसरों में सूरत, वडोदरा, मुंबई और पुणे में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

ईडी ने सूचना पर शुरू की जांच

एजेंसी ने कहा कि तलाशी अभियान के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया। ईडी ने इस सूचना के आधार पर जांच शुरू की कि पपलाज फॉरेन ट्रेड एलएलपी ने हीरे के आयात और निर्यात के सिलसिले में ज्यादा मूल्यांकन के कारण बड़े पैमाने पर धन बाहर भेजा है। जांच से पता चला कि पपलाज फॉरेन ट्रेड एलएलपी ने हीरे के आयात का ज्यादा मूल्यांकन किया था और जुलाई, 2023 और मार्च, 2024 के बीच 2,800 करोड़ रुपये की राशि बाहर भेजी है।

ईडी की जांच में हुए कई खुलासे

ईडी की जांच में यह भी पता चला कि पपलाज फॉरेन ट्रेड एलएलपी ने सूरत, दिल्ली, मुंबई और पुणे स्थित संस्थाओं से 2,800 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त की और इसे हांगकांग स्थित आठ संस्थाओं को भेज दिया। ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान पता चला कि जिन संस्थाओं ने पपलाज फॉरेन ट्रेड एलएलपी को लगभग 2,800 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की, वे फर्जी संस्थाएं थीं।