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2025 में SIR के बाद मतदाता सूची में जुड़े 2 करोड़ से अधिक 'जेन-जी' वोटर्स, चुनाव आयोग ने जारी किया आंकड़ा

Published: Fri, 25 Sep 2026 03:35 PM (IST)

चुनाव आयोग ने बताया कि 2025 के एसआईआर के बाद 18 से 28 साल के 2.73 करोड़ 'जेन Z' मतदाता सूची में जोड़े गए हैं।

SIR के बाद मतदाता सूची में जुड़े 2 करोड़ से अधिक 'जेन-जी' वोटर्स(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

SIR के बाद मतदाता सूची में जुड़े 2 करोड़ से अधिक 'जेन-जी' वोटर्स(प्रतीकात्मक तस्वीर: पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि साल 2025 में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की शुरुआत के बाद से 18 से 28 साल के 2.73 करोड़ नए 'जेन Z' मतदाताओं को वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है।

यह आंकड़ा उन मीडिया रिपोर्टों के बीच सामने आया है, जिनमें दावा किया गया था कि वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) न होने के कारण नए युवा मतदाताओं का पंजीकरण प्रभावी रूप से रुक गया है।

पंजीकरण रुकने के दावों को चुनाव आयोग ने नकारा

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करना एक निरंतर प्रक्रिया है। इसके तहत पात्र नागरिक किसी वार्षिक पुनरीक्षण अभियान का इंतजार किए बिना भी, मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए साल भर आवेदन कर सकते हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 2.73 करोड़ के इस आंकड़े में 18 से 28 वर्ष के वे नागरिक शामिल हैं, जिन्होंने पहली बार मतदान का अधिकार पाया है, साथ ही वे युवा मतदाता भी शामिल हैं जो पहले से पात्र थे लेकिन बाद में उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा या अपडेट किया गया।

क्या हैं कानून और प्रावधान?

अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act), 1950 की धारा 19 के साथ पठित धारा 14 में 2021 के संशोधन के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जिसका नाम मतदाता सूची में नहीं है या जो 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई या 1 अक्टूबर को 18 वर्ष की आयु पूरी करता है, वह किसी विशेष पुनरीक्षण का इंतजार किए बिना नियमित अपडेट के तहत मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकता है।

निर्वाचन आयोग अधिकारी के अनुसार, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) दोनों ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) के तहत किए जाते हैं और वैकल्पिक हैं। इन दोनों प्रक्रियाओं को एक साथ आयोजित करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं है।

आरपी एक्ट की धारा 14(बी) में संशोधन के बाद यह चार पात्रता तिथियां लागू की गई थीं। इसके तहत, इन चार तिथियों में से किसी पर भी 18 वर्ष पूरे करने वाला नागरिक अग्रिम तौर पर फॉर्म 6 में आवेदन जमा कर सकता है। इस आवेदन पर उस संबंधित तिमाही में कार्रवाई की जाती है जिसमें आवेदक निर्धारित उम्र पूरी करता है।

जारी रहता है निरंतर अपडेट: चुनाव आयोग

चुनाव आयोग ने दोहराया कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी निरंतर अपडेट जारी रहता है, जिससे नए मतदाताओं को किसी अन्य पुनरीक्षण चक्र की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं होती। नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए 'फॉर्म 6' निर्धारित प्रपत्र है।

यह पंजीकरण अभियान विभिन्न राज्यों के चुनावों के समानांतर चला है। बिहार में राज्य स्तरीय एसआईआर अभ्यास के बाद नवंबर 2025 में मतदान हुआ था, जहां अंतिम मतदाता सूची में 7.45 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल थे। वहीं, इस वर्ष असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूचियों को संशोधित किया गया था।

आयोग का स्पष्ट रुख है कि SIR, SSR और निरंतर अपडेट अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। अधिकारियों का कहना है कि 18 से 28 आयु वर्ग में 2.73 करोड़ युवाओं का जुड़ना यह साबित करता है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान भी युवा मतदाताओं का नामांकन निर्बाध रूप से जारी रहा।

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