जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे तथा दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पहले खंड का उद्घाटन करेंगे। पहले इसके लिए 15 अप्रैल की तिथि प्रस्तावित की गई थी। लेकिन फिनिशिंग में कुछ ज्यादा वक्त लगने के कारण इसे दो सप्ताह बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

एनएचएआइ के अधिकारियों को उम्मीद थी कि वे दोनों एक्सप्रेसवे का काम 15 अप्रैल से पहले पूरा कर लेंगे। सड़क मंत्रालय ने इसी हिसाब से प्रधानमंत्री से समय मांगा था। लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंत्रालय को सलाह दी थी कि बेशक 10-15 दिन और लग जाएं परंतु आश्वस्त होने के बाद ही प्रधानमंत्री को उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का 8.7 किलोमीटर पहला चरण निजामुद्दीन यमुना पुल से यूपी बार्डर तक जाता है। दूसरी ओर 135 किलोमीटर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे एनएच 44 (पुराना नंबर एनएच-1) से शुरू होकर गाजियाबाद नोएडा, फरीदाबाद होते हुए पलवल पर एचएच-19 (पुराना नंबर एनएच-2) से मिलता है।

दिल्ली-मेरठ के दूसरे चरण पर काम तेज

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के यूपी बार्डर से डासना तक के दूसरे चरण का कार्य तेज हो गया है। 19.28 किलोमीटर लंबे इस खंड का निर्माण 30 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन एनएचएआइ इसे डेढ़ साल में पूरा करना चाहता है। इस हिसाब से यह मई, 2020 की बजाय मार्च, 2019 में पूरा होना चाहिए। इसमें भी पहले चरण की तरह बीच में छह लेन का एक्सप्रेसवे और दोनो ओर चार-चार लेन के हाईवे का निर्माण होगा। दूसरे चरण के तहत सबसे बड़ा अवरोध डासना के नजदीक ऊपरी गंगा नहर से प्रताप विहार तक 13 किलोमीटर गंगा पाइपलाइन को शिफ्ट करने का है। यह पाइपलाइन एनएच-24 के साथ-साथ चलती है। पुरानी पाइपलाइन को शिफ्ट करने व नई पाइपलाइन बिछाने पर लगभग 156 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यूपी बार्डर की तरफ परियोजना से संबंधित पुलों का निर्माण शुरू हो गया है। हाईवे के दोनो ओर डक्ट बनाने और मिट्टी डालने का काम भी चल रहा है।

Posted By: Jagran News Network