प्रतापगढ़ [जागरण संवाददाता]। कुंडा के डीएसपी रहे जिया उल हक हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआइ को अहम सुराग हाथ लगा है। इस मामले के एक आरोपी से पूछताछ के बाद सीबीआइ का उत्साह बढ़ा है। रिमांड पर लिए गए गुड्डू [संजय] सिंह और राजीव सिंह से कैंप कार्यालय पर पूछताछ जारी है। इधर, दिल्ली से आई फोरेंसिक टीम ने बलीपुर घटनास्थल की मैपिंग के साथ ही मिट्टी का नमूना लिया। सीबीआइ टीम ने बुधवार को दिवंगत प्रधान के भाई के लाइसेंसी रिवॉल्वर को भी कब्जे में ले लिया। दो हथियार मंगलवार को ही कब्जे में ले लिए गए थे।

बलीपुर में दो मार्च को डीएसपी की हत्या के बाद गांव का नन्हे लाल नामक युवक घर छोड़कर भाग गया था। इसी बीच मंगलवार रात सीबीआइ ने उसे घर से ही दबोच लिया। उसका घर प्रधान के घर के निकट है और यह उनका करीबी भी बताया जाता है। बुधवार कुंडा स्थित कैंप कार्यालय में उससे पूछताछ की गई, जिससे सीबीआइ को मामला खुलने के आसार नजर आए हैं। यह तो सामने नहीं आ पाया कि नन्हे ने ही डीएसपी को गोली मारी थी, लेकिन इस हत्याकांड में कहीं न कहीं नन्हे का हाथ होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। पूछताछ में यह तथ्य भी मिला कि घटना के समय वह गांव में था। पूछताछ के बाद सीबीआइ उसे अज्ञात स्थान पर ले गई है। बता दें कि निलंबित एसओ हथिगंवा मनोज शुक्ला द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में नन्हे नामजद है।

विक्षिप्त युवक ने फेंका था सीबीआइ टीम पर पत्थर

मंगलवार रात मानिकपुर क्षेत्र में सीबीआइ टीम के वाहन पर पत्थर फेंकने वाला युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है। पुलिस ने उसे पकड़ा लेकिन पूछताछ के दो घंटे बाद उसे छोड़ दिया। इसके पहले सीबीआइ के गनर की तहरीर पर मानिकपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

सीबीआइ ने रिमांड पर लिए दो आरोपी

प्रतापगढ़ [जागरण संवाददाता]। कुंडा हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआइ टीम ने बुधवार को गुड्डू सिंह व उसके भाई राजीव सिंह को रिमांड पर लिया है। दोनों 18 मार्च तक सीबीआइ की कस्टडी में रहेंगे। वहां इनसे फिर पूछतांछ होगी। रिमांड के दौरान सीबीआइ टीम के साथ आए पुलिस कर्मी हथकड़ी नहीं लाए थे। इस पर सीबीआइ अधिकारी दारोगा पर बिफर पड़े। हालांकि हथकड़ी फिर भी नहीं आ सकी। इससे पूर्व गुड्डूं सिंह और राजीव सिंह का जिला कारागार में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इस बीच आरोपी गुड्डूं सिंह ने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत उसे फंसा दिया गया।

बुधवार को रिमांड प्रक्रिया के लिए जिला कारागार पहुंचे सीबीआइ अधिकारियों को वाहन संतरी ने गेट पर रोक दिया। नीली बत्ती लगी सफेद बोलेरो से सीबीआइ के डिप्टी एसपी सुभाष कुंडरू जैसे ही जेल के बाहरी गेट पर पहुंचे, संतरी एचपी मिश्रा ने वाहन रोक दिया। संतरी से जब डिप्टी एसपी ने परिचय दिया तब उसने वाहन चहारदीवारी में आने दिया। सीबीआइ टीम सबसे पहले पुलिस लाइन पहुंची, वहां एएसपी, सीओ लाइन ने वज्र वाहन पर लगे सिपाहियों को मोबाइल बंद करने का आदेश दिया। सीबीआइ टीम के अंदर होने के कारण मुलाकातियों को बाहर रोक दिया गया। टीम जाने के बाद दोपहर 12.15 बजे से मुलाकात शुरू कराई गई।

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