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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मोदी के उदारवादी चेहरे को छुपाना चाहती थी सरकार

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Published: Fri, 02 May 2014 07:07 AM (IST)Updated: Fri, 02 May 2014 10:06 AM (IST)

क्या कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की उदारवादी छवि से घबराती है? दूरदर्शन न्यूज पर ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। क्या कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की उदारवादी छवि से घबराती है? दूरदर्शन न्यूज पर उनके साक्षात्कार पर चली कैंची से तो यही जाहिर होता है। मोदी के साक्षात्कार से चुन-चुनकर उन हिस्सों को काट दिया गया, जहां वह थोड़े भी नरमदिल नजर आ रहे थे। इसी साक्षात्कार में उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा को बेटी जैसी बताया है। प्रियंका ने भी मोदी को दो टूक जवाब देते हुए कह दिया है कि वह राजीव गांधी की बेटी हैं।

दूरदर्शन न्यूज के महानिदेशक एसएम खान मानते हैं कि 56 मिनट के इंटरव्यू में सिर्फ 34 मिनट का हिस्सा दिखाया गया, लेकिन इसमें किसी साजिश से वह इन्कार करते हैं। पिछले शनिवार को रिकॉर्ड किए गए साक्षात्कार में मोदी ने कई बातें पहली बार कही थीं, लेकिन दूरदर्शन ने ऐसे सभी हिस्सों पर कैंची चला दी। उन्होंने सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल के साथ अपनी घनिष्ठता की बात स्वीकार की। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था 'अहमद मियां तो मैंने उनके प्रति सम्मान के लिए कहा था। यह मैं पहली बार किसी चैनल पर बता रहा हूं कि मैं तो उन्हें बाबू भाई बुलाता हूं। वह मेरे घर खाना खाते हैं। मैं उनके घर खाना खाता हूं। यह बात और है कि इन दिनों वह मेरा फोन नहीं उठा रहे।' इसी तरह पाकिस्तान को लेकर अपने सख्त रवैये और तब के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को मियां मुशर्रफ जैसे संबोधन पर उन्होंने कहा कि तब मुशर्रफ ने गुजरात को लेकर जैसी टिप्पणी की थी उसके जवाब में उन्होंने तल्ख बातें कही थीं। उन्होंने दावा किया कि पड़ोसी मुल्क को लेकर उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं। प्रियंका गांधी की ओर से उन पर हो रहे हमलों को लेकर कुरेदे जाने पर उन्होंने उन पर कोई तल्ख टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया था।

मोदी इंटरव्यू दूरदर्शन के लिए उपलब्धि थी: खान

नरेंद्र मोदी के साक्षात्कार पर उठे विवाद को लेकर दूरदर्शन न्यूज के महानिदेशक एसएम खान से मुकेश केजरीवाल की बातचीत के अंश..

आपको नहीं लगता इंटरव्यू से अहम हिस्सों को हटा दिया गया?

आधे घंटे के टाइम स्लॉट के लिए यह इंटरव्यू हुआ था। ऐसे में थोड़ा-बहुत संपादन तो होता ही। जो इंटरव्यू चला, उसे मैंने देखा है। यहां तक कि इसमें दूरदर्शन की आलोचना भी है। मैंने रॉ फुटेज नहीं देखा..

मीडिया संस्थान के तौर पर मोदी का इंटरव्यू एक उपलब्धि लगा?

हां, यह एक उपलब्धि थी।

तो क्या कभी आपने सोचा कि इसे पूरा भी दिखाया जा सकता है?

नहीं ऐसा कभी विचार नहीं किया गया।

विवाद के बाद आप पूरा फुटेज सार्वजनिक कर सकते हैं?

नहीं। हमने जो एयर किया है। सिर्फ वही सार्वजनिक कर सकते हैं।

क्या चलाने से पहले इंटरव्यू किसी को दिखाया गया?

सूचना और प्रसारण मंत्री से लेकर किसी भी राजनीतिक या गैर-राजनीतिक व्यक्ति को यह साक्षात्कार नहीं दिखाया गया।

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एक चैनल के तौर पर जो दूरदर्शन की उपलब्धि थी, उस पर तारीफ मिलने के बजाय उलटा हम अनावश्यक विवाद में घिर गए। मुझे इसका दुख है। -अशोक श्रीवास्तव मोदी का इंटरव्यू करने वाले पत्रकार

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प्रियंका को नहीं भाया मोदी को बेटी जैसी कहना