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राहुल गांधी पर DMK का यूटर्न; कल साधा था निशाना; आज विरोध प्रदर्शन के समर्थन में उतरी पार्टी

Published: Wed, 07 Oct 2026 03:22 PM (IST)

डीएमके ने राहुल गांधी पर पहले मतदाताओं की सूची से नाम कटने के मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया ...और पढ़ें

कांग्रेस सांसद राहुल गाधी का विरोध प्रदर्शन।

कांग्रेस सांसद राहुल गाधी का विरोध प्रदर्शन।

डिजिटल डेस्क, चन्नई। राजनीति में कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। इसका ताजा उदाहरण तमिलनाडु की डीएमके (DMK) का कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी को लेकर एक दिन में अचानक अपना रुख बदलना है।

पूरे मामले को ऐसे समझिए कि तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके ने राहुल गांधी पर मंगलवार को हमला बोला था, लेकिन महज 24 घंटे के भीतर यानी बुधवार को उनका सुर पूरी तरह बदल गया और उन्होंने राहुल गांधी का खुला समर्थन कर दिया।

पहले समझिए विरोध और नाराजगी का कारण 

बता दें कि डीएमके इस बात से नाराज थी कि तमिलनाडु में चुनाव आयोग की 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर लाखों मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं।

ऐसे में डीएमके प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मंगलवार को पोस्ट कर राहुल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने पूछा था कि राहुल गांधी तमिलनाडु में हुए इस बड़े मतदाताओं के नाम कटने के मुद्दे पर चुप क्यों हैं और उनका रुख इस मामले में अलग-क्यों रहता है?

इंडी गठबंधन की बैठक से भी बनाई थी दूरी

जानकार बताते हैं कि इसी नाराजगी के चलते डीएमके ने पिछले हफ्ते विपक्षी इंडी गठबंधन की उस बैठक से भी दूरी बनाई थी, जो चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की रणनीति बनाने के लिए बुलाई गई थी।

एक दिन अचानक कैसे आया यू-टर्न?

मंगलवार को विरोध के बाद बुधवार आते-आते डीएमके का रुख पूरी तरह बदल गया। डीएमके के मुख्य प्रवक्ता टी.के.एस. इलंगोवन ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों के रुख का जोरदार समर्थन किया।

इलंगोवन ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार जैसे ऊंचे पद पर बैठा व्यक्ति अलोकतांत्रिक रवैया अपनाएगा, तो चुनाव निष्पक्ष कैसे हो सकते हैं? उन्हें निश्चित रूप से हटाया जाना चाहिए। सरकार के गलत कामों के खिलाफ लड़ना नागरिकों का अधिकार है, और कल राहुल गांधी ने वही किया है। यह सरकार नहीं चाहती कि राहुल गांधी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठाएं।

अब राहुल गांधी का विरोध प्रदर्शन के बारे में जानिए

इस बात की शुरुआत मंगलवार को हुई थी, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने संसद से लेकर चुनाव आयोग के दफ्तर तक एक बड़ा मार्च निकाला था। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग करना और वोटर लिस्ट रिवीजन के विशेष अभियान को रद्द करवाना था।

कांग्रेस और डीएमके के बीच के समीकरण को समझिए

गौरतलब है कि साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद से ही कांग्रेस और डीएमके के दशकों पुराने गठबंधन में दरार आ गई थी और यह टूट चुका है। कांग्रेस ने अभिनेता विजय की पार्टी 'टीवीके' को समर्थन देकर सरकार बनाने में मदद की थी।

इसके बाद से दोनों दलों के बीच रिश्तों में खटास और तल्खी आ गई है। बावजूद इसके, मुख्य चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट के मुद्दे पर डीएमके का यह अचानक यू-टर्न राजनीतिक गलियारों में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है।