नई दिल्ली, जेएनएन। (Sugamya Bharat Abhiyan National Award) सुगम्य भारत अभियान राष्ट्रीय पुरस्कारों की घोषणा की गई। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य के 4 दिव्यांग व्यक्तियों और 3 संस्थाओं को सम्मानित किया गया है। खास बात यह है कि 2021 और 22 के लिए यह पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों 4 व्यक्तियों और 3 संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में इंटरनेशनल डे ऑफ पर्सन विद डिसेबिलिटी को भी सेलिब्रेट किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सोशल जस्टिस और एंपावरमेंट मिनिस्ट्री ने किया था। 

जय सिंह चौहान को मिला सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन कैटेगरी में पुरस्कार 

इस कार्यक्रम में सोशल जस्टिस एंड एंपावरमेंट मिनिस्टर डॉ वीरेंद्र कुमार, रामदास अठावले और प्रतिमा भौमिक भी उपस्थित थे। वर्धा जिले के जय सिंह चौहान को भी 2022 का सर्वश्रेष्ठ दिव्यांगजन कैटेगरी में पुरस्कृत किया गया। उन्होंने अपना खुद का काम शुरू किया और आज वह करोड़ों रुपये की कंपनी के मालिक हैं। उन्हें नेशनल अवॉर्ड फॉर इंडिविजुअल एक्सीलेंस दिया गया। 

 उनके अलावा, डॉक्टर शुभम धूत, सुश्री विमल गाव्हने, अशोक भोईर को भी यह पुरस्कार दिया गया। वहीं महात्मा गांधी सेवा संघ, अकोला जिला परिषद और कमिश्नर डिसेबिलिटी गवर्नमेंट ऑफ महाराष्ट्र को भी इस अवसर पर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पुरस्कार विजेताओं ने इस अवसर पर हर्ष भी जताया। राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कृत होने पर उनके चेहरे पर एक अलग मुस्कान थी।

'सुगम्य भारत अभियान' कराना वाले राज्या में महाराष्ट्र रहा अव्वल 

वर्ष 2021 और 2022 के राष्ट्रीय पुरस्कार 14 श्रेणियों के तहत दिए गए। महाराष्ट्र 'सुगम्य भारत अभियान' को लागू करने वाला सर्वश्रेष्ठ राज्य रहा है और यह पुरस्कार आयुक्त निःशक्तता कल्याण, पुणे को प्रदान किया गया। अकोला की जिला परिषद ने (विकलांगता अधिकार अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन/सार्वभौमिक पहचान पत्र प्रणाली और विकलांग व्यक्तियों के लिए योजनाएं) श्रेणी में प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता और श्री जयसिंह चव्हाण, नागपुर को (विकलांगता वाले सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति) श्रेणी में 2022 वर्ष के लिए सम्मानित किया गया। महात्मा गांधी सेवा संघ, औरंगाबाद को (विकलांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए) श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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Edited By: Piyush Kumar

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