उदयपुर, राज्य ब्यूरो। बांसवाड़ा में शुक्रवार को जिला कलेक्टर अंतरसिंह नेहरा ने पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म निभाते हुए उन्हें अनोखा उपहार दिया। भाई बने जिला कलेक्टर ने सभी बहनों को आने वाले शिशु के लिए शुभकामनाएं दी।

महिला एवं बाल विकास विभाग के तत्वाधान में राष्ट्रीय पोषण अभियान के अन्तर्गत शुक्रवार को जिला स्तरीय पोषण मेला में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। पोषण मेले के दौरान आयोजित गोदभराई की रस्म के दौरान महिला एवं बाल विकास की कार्यकर्ताएं बधाइयां देती हुई दिखाई दीं।

यह अनोखा कार्यक्रम बांसवाड़ा शहर की एक होटल में आयोजित हुआ था। कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर ने उन्हें उपहार भी प्रदान किए। गोदभराई कार्यक्रम में उपप्रधान तलवाड़ा लोकेश कुमार, अतीत गरासिया, रिलायंस फाउंडेशन के चंद्रकांत शर्मा, डा. वनिता त्रिवेदी, डा. नरेंद्र कोहली एव महिला एवं बाल विकास विभाग की उपनिदेशक मंजू परमार भी शामिल हुई थी।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा

रिटायर्ड केंद्रीय कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को जिन्होंने सीजीएचएस कार्ड बनवा रखे हैं उन सभी को आउटडोर अथवा इनडोर चिकित्सा सेवाओं के लिए घीसीबाई मेमोरियल मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, पुष्कर रोड अजमेर में अब कैशलेस सुविधा मुहैया हो सकेगी।

सीजीएचएस सेवानिवृत्त कार्डधारी केंद्रीय कर्मचारी एवं उनके आश्रितों को कैशलेस सुविधा पाने के लिए रेफरल लेटर बनवाकर लाना अनिवार्य होगा। यह रेफरल लेटर अजमेर में प्रधान डाकघर (जीपीओ), पृथ्वीराज मार्ग परिसर में स्थित सीजीएचएस स्वास्थ्य केंद्र से उपलब्ध हो सकेगा।

ज्ञातव्य है कि केन्द्र सरकार ने अजमेर के घीसीबाई मेमोरियल मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर को सीएसएमए 1944 रूल्स के तहत अनुबंधित कर रखा है, जहां पर केंद्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनर्स व उनके आश्रित केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित दरों पर उपचार लिया करते हैं। ये कर्मचारी अबतक अपने चिकित्सा व्यय का पुनर्भरण अपने विभागों के माध्यम से किया करते थे।

अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों को इससे मुक्ति मिल सकेगी। सेवानिवृत्त कर्मचारी रेफरल लेटर लाकर अपने चिकित्सक से आउडडोर में नकद विहीन परामर्श प्राप्त कर सकेगा। भर्ती रोगी होने पर उसके बिलों का भुगतान सीधे ही हाॅस्पिटल के द्वारा सरकार से प्राप्त कर लिया जाएगा। यानी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बिल बाउचर बनाने की झंझट नहीं रहेगी।

उल्लेखनीय है कि अजमेर में 30 से ज्यादा दफ्तर केंद्र सरकार के क्षेत्राधीन कार्यरत हैं। इनमें आॅल इंडिया रेडियो, इंडियन ब्यूरो आॅफ माइन्स, आयकर विभाग, क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी, दूर संचार विभाग, क्षेत्रीय शिक्षण संस्थान, सर्वे आॅफ इंडिया, दूरदर्शन प्रसारण केंद्र, प्रधान डाकघर, पोस्ट मास्टर जनरल दक्षिण क्षेत्र, केंद्रीय एक्साइज एंड कस्टम विभाग, केंद्रीय सार्वजनिक निर्माण विभाग, क्षेत्रीय नियंत्रक इंडियन ब्यूरो आॅफ माइन्स, नेशनल सेम्पल सर्वे आर्गनाईजेशन, मुख्य श्रम आयुक्त, मण्डल अधीक्षक डाक विभाग, सहायक कल्याण आयुक्त भारत सरकार, आदि शामिल हैं।

सीजीएचएस सेवानिवृत्त कार्डधारी केंद्रीय कर्मचारी एवं उनके आश्रित मित्तल हाॅस्पिटल की सेवाओं का लाभ आउट डोर रोगी होने या भर्ती रोगी होने के साथ जरूरत पड़ने पर एमआरआई व सीटी स्केन सहित खून, पेशाब व अन्य सभी प्रकार की जाँचें कराने के लिए भी उठा सकते हैं।

मित्तल हाॅस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर अजमेर को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एण्ड हैल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) द्वारा प्रमाणित किया गया है। मित्तल हाॅस्पिटल संभाग का पहला एनएबीएच प्रमाणित हॉस्पिटल है जहां अत्याधुनिक उपकरण व उन्नत तकनीक से युक्त आॅपरेशन थियेटर्स, आईसीयू, एनआईसीयू, पीआईसीयू सहित अन्य तमाम स्वास्थ्य सुविधाएं वहन कर सकने योग्य कीमतों पर एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं।

मित्तल हॉस्पिटल के सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाएं यथा हृदय रोग, न्यूरो फिजीशियन, न्यूरो सर्जरी, कैंसर रोग, गुर्दा रोग, मूत्र रोग, गैस्ट्रोएण्ट्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी आदि राज्य के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों के समकक्ष हैं।

Posted By: Bhupendra Singh

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