भोपाल (जेएनएन)। पुलिस की चेकिंग कार्रवाई के दौरान कई बार विवाद की स्थिति बनती है। ऐसा ही एक मामला भोपाल में बीते दिन सामने आया। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पुलिस ने हूटर लगी गाड़ियों के खिलाफ अभियान चलाया। इसी दौरान जब पुलिस ने हूटर लगी एक कार को रोका, तो उसमें सवार शख्स ने खुद को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंंह चौहान का जीजा बताते हुए रौब दिखाया। इस व्यक्ति के साथ महिलाएं भी थीं। काफी देर तक चले विवाद के बाद पुलिस को बिना कार्रवाई किए गाड़ी को छोड़ना पड़ा।

मैं बहुतों का साला हूं : शिवराज
हालांकि यह मामला बढ़ने के बाद खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का भी बयान सामने आ गया है। उन्होंने कहा, 'ऐसा है कि मेरी एमपी में करोड़ों बहनें हैं और मैं बहुत से लोगों का साला हूं। कानून अपना काम करेगा।'

पूरा मामला क्या है
आपको बता दें कि भोपाल पुलिस हूटर लगी गाड़ियों के खिलाफ मुहिम चला रही थी। पुलिसकर्मी जेल पहाड़ी पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान वहां से एक कार गुजरी जिसमें हूटर लगा था। पुलिसकर्मियों ने गाड़ी रोकी तो उसमें सवार शख्स ने रौब दिखाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने कार सवार से गाड़ी के कागज मांगे, तो वह और भड़क गया। इस व्यक्ति ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को अपशब्द भी कहे। उसके साथ मौजूद दो महिलाओं ने भी पुलिसकर्मियों से विवाद किया। ये शख्स खुद को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का जीजा बता रहा था। साथ ही एक महिला ने फोन पर किसी से बात कराने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कोई बात नहीं की।

चूंकि मामला सीएम से जुड़ा था, लिहाजा मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। कुछ देर में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और विवाद सुलझाया। हालांकि सीएम का नाम आने के बाद पुलिसकर्मी भी दबाव में दिखे। आखिरकार खाकी पर एक बार फिर राजनीतिक दबाव हावी नजर आया और पुलिस ने बिना कोई कार्रवाई किए ही गाड़ी को छोड़ दिया। हालांकि पूरे दिन चली कार्रवाई में पुलिस ने हूटर लगी हुई 125 से ज्यादा गाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई की और उनके हूटर उतरवाए।

Posted By: Sachin Bajpai