कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी में बड़ा फेरबदल करते हुए पूर्व रेलमंत्री दिनेश त्रिवेदी को सह-अध्यक्ष बनाया है। रेलमंत्री पद से हटने के बाद से हाशिये पर चल रहे त्रिवेदी ने कुछ दिनों पहले भाजपा के पक्ष में भी बयान दिया था, जिससे उनके पार्टी छोड़ने के भी कयास शुरू हो गए थे।

लेकिन ममता बनर्जी ने अचानक उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंप उनका जुड़ाव मजबूत कर दिया है। सारधा घोटाले में सीबीआइ पूछताछ का सामना करने वाले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मुकुल रॉय के पर कतरते हुए ममता बनर्जी ने सुब्रत बक्शी को सह-राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के प्रभार भी अन्य नेताओं को सौंपे गए।

दरअसल, सीबीआइ पूछताछ के बाद से मुकुल रॉय के बदले तेवर ने पार्टी में टूट की आशंका पैदा कर दी थी। शनिवार को कालीघाट स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई तृणमूल कांग्रेस की बैठक में भी मुकुल नहीं पहुंचे। इसके बाद ममता बनर्जी ने बड़ा सांगठनिक फेरबदल किया और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में मुकुल की पकड़ कम करने के लिए उनके समकक्ष तृणमूल के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी को सह-राष्ट्रीय महासचिव बना दिया। एक तीर से दो शिकार करने की कोशिश में दीदी ने कई विक्षुब्धों को भी राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी सौंपी। इसमें दिनेश त्रिवेदी के बाद नाराज चल रहे सांसद शुभेंदु अधिकारी को असम व पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी को त्रिपुरा का प्रभार सौंपा गया है। राज्यसभा सांसद डेरेक ओ-ब्रायन को पूर्वोत्तर राज्यों के साथ केरल की जिम्मेदारी मिली है। इससे पहले ममता बनर्जी के विश्वासपात्रों में सबसे पहला नंबर मुकुल रॉय का आता था।

समन्वय के लिए कमेटी गठित

सांगठनिक बदलाव के साथ राष्ट्रीय स्तर पर एक कमेटी का भी गठन किया गया है। इसकी अध्यक्षता राज्यसभा सांसद डेरेक ओ-ब्रायन और सांसद कल्याण बनर्जी करेंगे। इसमें दीदी ने अपने करीबी राज्य के नगर विकास मंत्री फिरहाद हकीम और सांसद काकुली घोष दस्तिदार को जगह दी है।

Posted By: Test2 test2

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