धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से भी खत्म नहीं हुआ गतिरोध, अब पीएम मोदी से माफी की मांग पर अड़ा विपक्ष
नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों पर कथित पुलिस बर्बरता को लेकर विपक्ष सरकार पर दबाव बना रहा है। वे ...और पढ़ें

सरकार को घेरने की कोशिश में विपक्ष।
HighLights
विपक्ष ने नीट पेपर लीक पर पीएम मोदी से माफी मांगी।
छात्रों पर पुलिस बर्बरता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पेपर लीक विरोधी बिल पर संसद में तीखी बहस की तैयारी।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्ष अब छात्र पर कथित पुलिस बर्बरता को लेकर संसद में सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बना रहा है। वे हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माफी की मांग कर रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि विपक्ष की आगे की रणनीति, जिसमें पेपर लीक विरोधी कानून में प्रस्तावित संसोधन पर उनका रुख भी शामिल है। सोमवार के राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के चैंबर में इंडी गठबंधन के नेताओं की बैठक में तय की जाएगी।
ये घटनाक्रम 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' पर संसद में होने वाली तीखी बहस से पहले हो रहा है। इस बिल को सोमवार को लोकसभा में पेश करने, उस पर विचार करने और उसे पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर हमले के लिए जवाबदेही की मांग की और सवाल किया कि क्या गृह मंत्री ने पैलेट गन समेत जानलेवा बल के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी।
पत्र में कांग्रेस सांसद ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की नींव है और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करना तथा बातचीत के जरिए उनकी शिकायतों का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने पीएम मोदी से माफी की मांग
कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों की जीत बताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी को कथित पुलिस कार्रवाई के लिए माफी मांगनी चाहिए।
खरगे ने कहा कि अब प्रधानमंत्री की बारी है कि वे मांफी मांगे और प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठी, डंडे और पेलेट गन का इस्तेमाल करने के लिए जिम्मेदार लोगों को खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद, राहुल गांधी ने भी पीएम मोदी से आग्रह किया कि वे देश के भविष्य के सम्मान में और विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए कथित अत्याचारों के लिए छात्रों से माफी मांगे।
पेपर लीक विरोधी बिल पर विपक्ष तय करेगा अपना रुख
अगर सरकार और विपक्ष संसद के दोनों सदनों में जारी गतिरोध को सुलझा लेते हैं, तो पेपर लीक के मुद्दे पर तीखी बहस होने की संभावना है। विपक्ष यह भी तय करेगा कि 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' का समर्थन किया जाए या नहीं।
प्रस्तावित कानून का मकसद परीक्षाव से जुड़े अपराधों के लिए सजा को सख्त करना है। पेपर लीक या अन्य अनुचित साधनों में शामिल लोगों को 5 से 10 साल तक की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। परीक्षा धोखाधड़ी से जुड़े संगठित अपराधों के लिए कम से कम 7 साल की जेल और 10 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
