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'विकसित भारत के लक्ष्य में शिक्षा अहम पहलू..,' धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यों को केंद्र के साथ मिलकर काम करने की दी सलाह

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यों से कहा कि वह अपने राजनीतिक मतभेदों को भूलकर बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखे और साथ मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के जो लक्ष्य हैउनमें शिक्षा एक अहम पहलू है। उन्होंने शिक्षा प्रणाली को योग्यता आधारित बनाने पर जोर दिया। मालूम हो कि देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 29 जुलाई 2020 को लागू किया गया था।

By Jagran News Edited By: Sonu Gupta Tue, 09 Jul 2024 11:45 PM (IST)
'विकसित भारत के लक्ष्य में शिक्षा अहम पहलू..,' धर्मेंद्र प्रधान ने राज्यों को केंद्र के साथ मिलकर काम करने की दी सलाह
मतभेदों को भूल बच्चों के भविष्य को गढ़ने के लिए मिलकर काम करें राज्य- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान। फोटोः@dpradhanbjp

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लागू हुए चार साल पूरे होने वाले हैं। ऐसे में शिक्षा मंत्रालय ने इसके अमल की समीक्षा शुरू कर दी है। राज्यों के साथ ही इसे लेकर दो दिन की अहम बैठक रखी गई है।

इसके पहले सत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संबोधित किया और राज्यों से कहा कि वह अपने राजनीतिक मतभेदों को भूलकर बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखे और साथ मिलकर काम करें।

शिक्षा के समग्र विकास के लिए करना होगा कामः प्रधान

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के जो लक्ष्य है, उनमें शिक्षा एक अहम पहलू है। ऐसे में सभी को मिलकर शिक्षा के समग्र विकास के लिए काम करना होगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल सहित अगले सौ दिन और पांच साल के एजेंडे पर भी इस दौरान राज्यों के साथ चर्चा हुई। प्रधान ने राज्यों से एनईपी के तहत बच्चों को मातृभाषा और भारतीय भाषाओं में शिक्षा देने की भी इस दौरान सलाह दी।

— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) July 9, 2024

धर्मेंद्र प्रधान ने एक साथ मिलकर काम करने पर दिया जोर

उन्होंने शिक्षा प्रणाली को योग्यता आधारित बनाने पर जोर दिया। साथ ही कहा यह सभी संभव है जब सभी को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिले। प्रधान ने नीति के आने के बाद पिछले चार सालों में शिक्षा के क्षेत्र में आए सुधार का जिक्र किया और कहा कि देश में शिक्षा के इकोसिस्टम में इस दौरान जबरदस्त प्रगति की है।

प्रधान ने राज्यों से मतभेदों को भूलकर साथ मिलकर काम करने पर जोर तब दिया है, जब पश्चिम बंगाल, पंजाब और दिल्ली जैसे राज्य एनईपी की सिफारिशों को अपनाने से बच रहे है। वह उसके अनुरूप अपनी अलग व्यवस्था खड़ा कर रहे है। इन राज्यों ने पीएम-श्री स्कूलों को लेकर भी अपनी सहमति नहीं दी है।

प्रधान ने राज्यों को दिया ये भरोसा

राज्यों के साथ ही मंगलवार से शुरू हुई दो दिन की इस अमल बैठक में राज्यों से अपने यहां शिक्षा में सुधार को लेकर अपनाए गए कदमों को साझा करने के लिए कहा गया है। प्रधान ने राज्यों को भरोसा दिया है कि वह उनके अच्छे सुधारों को दूसरे राज्यों को भी अपनाने का सुझाव देंगे। इस दौरान राज्यों में शिक्षा के ढांचे को मजबूती देने और जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों को मजबूती देने पर भी चर्चा होगी।

देश में कब लागू हुआ था NEP?

 बैठक को स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार ने भी संबोधित किया है। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के भी वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद है। देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 29 जुलाई 2020 को लागू किया गया था।

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