'कांग्रेस से जबरदस्ती शादी हुई, इसलिए...'; खरगे को पूर्व पीएम का करारा जवाब
पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के साथ अपने पुराने गठबंधन को जबरन शादी बताया, जिसका अंत तलाक में हुआ।
HighLights
देवेगौड़ा ने कांग्रेस गठबंधन को 'जबरन शादी' बताया
खरगे की टिप्पणी पर संसद में दिया तीखा जवाब
2019 में कांग्रेस विधायकों के दलबदल को ठहराया जिम्मेदार
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी(एस) के राज्यसभा सांसद एच.डी. देवेगौड़ा ने बुधवार को संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ उनका पुराना गठबंधन जबरन शादी था, जो अंत में तलाक पर खत्म हो गया।
देवेगौड़ा ने एक बयान में कहा कि उनके पुराने और लंबे समय के दोस्त मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में उनके बारे में मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की। खड़गे ने कहा था कि देवेगौड़ा कांग्रेस से प्यार करते थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा से शादी कर ली।
देवेगौड़ा का तीखा पलटवार
देवेगौड़ा ने बताया कि टिप्पणी के समय वे सदन में मौजूद नहीं थे क्योंकि उगादी उत्सव मनाने के लिए बेंगलुरु चले गए थे। देवेगौड़ा ने उसी भाषा में जवाब देते हुए कहा कि अगर शादी की भाषा में जवाब दूं तो कहूंगा कि कांग्रेस के साथ मेरी जबरन शादी हुई थी, लेकिन मुझे उनसे तलाक लेना पड़ा क्योंकि रिश्ता दुरुपयोगपूर्ण हो गया था।
कर्नाटक राजनीतिक घटनाक्रम का खुलासा
देवेगौड़ा ने 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद की घटनाओं को याद करते हुए बताया कि चुनाव के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने जेडी(एस) से संपर्क किया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने प्रस्ताव दिया कि एच.डी. कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बनें।
मैंने सबके सामने साफ कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी वहां मौजूद थे। लेकिन आजाद ने जोर देकर कहा कि कुमारस्वामी सरकार का नेतृत्व करें।
गठबंधन सरकार के पतन का आरोप
2019 में गठबंधन सरकार के गिरने पर देवेगौड़ा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी विधायकों को भाजपा में जाने से नहीं रोक सकी। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बनाने के सारे जश्न के बाद 2019 में क्या हुआ? कई कांग्रेस विधायक भाजपा में चले गए। अब यह आम बात है कि उन दलबदलियों को किसने बढ़ावा दिया।
उन्होंने आगे कहा कि अगर उस समय कांग्रेस नेतृत्व ने दलबदली को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की होती, तो आज कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में खरगे की स्थिति मजबूत होती।
अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि रेकॉर्ड साफ करने के लिए बता दूं कि जेडी(एस) ने कांग्रेस गठबंधन को नहीं छोड़ा। वे खुद चले गए। इसके बाद मेरे पास कोई विकल्प नहीं बचा था सिवाय इसके कि उनसे तलाक लेकर ज्यादा स्थिर गठबंधन की तलाश करूं।
