नई दिल्ली, एएनआइ। स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की आज (शनिवार) 100 वीं पुण्यतिथि है। इस मौके पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया। जिसका शीर्षक 'लोकमान्य तिलक: स्वराज से आत्मनिर्भर भारत' रखा गया। इस दौरान  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इसमें भाग लिया। सबसे पहले बता दें कि बाल गंगाधर तिलक को लोकमान्य के नाम ये भी जाना जाता है। लोकमान्य का मतलब है जनता के द्वारा चुना गया नेता।

शाह बोले- स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है 

इस मौके पर बोलते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मेरे पास होगा। 19 वीं शताब्दी में यह कहना और इसे प्राप्त करने के लिए पूरा जीवन बिताना बहुत लोगों द्वारा ऐसा नहीं किया जा सकता है। यह वाक्य हमेशा हमारे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में लोकमान्य तिलक के साथ स्वर्णिम अक्षरों से जुड़ा रहेगा।

युवाओं से किया तिलक के बारे में पढ़ने का आग्रह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए युवाओं से स्वतंत्रता सेनानी के जीवन के बारे में पढ़ने का आग्रह किया क्योंकि उनके बारे में पढ़ने से जीवन की कई समस्याएं हल हो सकती हैं। आज के दिन 100 साल पहले  हमने एक महान आत्मा को खो दिया था। मैं, पूरे देश की ओर से उनकी आत्मा को श्रद्धांजलि देता हूं। मैं देश के युवाओं से भी अपील करूंगा कि अगर वे भारत और इसके बारे में कुछ भी जानना चाहते हैं तो उन्हें तिलक महाराजजी के बारे में पढ़ना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि शहीद हुए सौ साल हो गए हैं लेकिन वह आज  भी हैं। उनका व्यक्तित्व, काम और विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना कि तब हुआ करते थे। यह दिखाता है कि वह एक दूरदर्शी नेता थे। केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि मैं देश के युवाओं से अपील करता हूं कि उनकी आत्मकथा को कम से कम एक बार पढ़ें ताकि जीवन की कई समस्याएं हल हो जाएंगी। यह आपको आज के समय की एक कुंजी भी प्रदान करेगा।

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