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7 बड़े हवाई रूट, मजबूत फ्लाइट नेटवर्क और कॉर्पोरेट कनेक्टिविटी... एविएशन नेटवर्क का हब बनी दिल्ली

Published: Mon, 15 Jun 2026 08:34 PM (IST)Updated: Mon, 15 Jun 2026 08:40 PM (IST)

भारत के एविएशन सेक्टर में दिल्ली का दबदबा बढ़ रहा है, जहां देश के 10 सबसे व्यस्त घरेलू फ्लाइट रूट्स में से सात दिल्ली से जुड़े हैं।

एविएशन सेक्टर का हब दिल्ली (जागरण)

एविएशन सेक्टर का हब दिल्ली (जागरण)

HighLights

  1. भारत के 10 में से 7 व्यस्त घरेलू रूट दिल्ली से।

  2. दिल्ली-मुंबई 68.5 लाख यात्रियों के साथ सबसे व्यस्त मार्ग।

  3. राजनीतिक राजधानी और मजबूत नेटवर्क से दिल्ली का दबदबा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। देश में लोगों की हवाई यात्रा को आसान बनाने के लिए नई नीतियां बनाई जा रही हैं। नए और बेहतर प्लेन शुरू किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही फ्लाइट टिकट की कीमत को कंट्रोल करने के लिए और एविशन सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नई एयरलाइंस को भी जोड़ा जा रहा है।

भारत में बढ़ते एविएशन सेक्टर के केंद्र में देश की राजधानी दिल्ली है। देश के टॉप 10 घरेलू फ्लाइट कॉरिडोर में से सात दिल्ली से जुड़े हैं। देश में घरेलू हवाई यात्रा के नक्शे पर दिल्ली की कमान मजबूत है।

देश का सबसे व्यस्त रूट

2024-25 के नए पैसेंजर ट्रैफिक डेटा से पता चलता है कि भारत के 10 सबसे व्यस्त घरेलू फ्लाइट रूट में से सात या तो दिल्ली से शुरू होते हैं या दिल्ली पर खत्म होते हैं। भारत के मुख्य एविएशन गेटवे के तौर पर दिल्ली की भूमिका काफी अहम है।

देश का सबसे व्यस्त रूट दिल्ली-मुंबई है, जहां हर साल 68.5 लाख यात्री यात्रा करते हैं। यह किसी भी दूसरे घरेलू कॉरिडोर से कहीं आगे है। यह रूट दूसरे नंबर पर मौजूद बेंगलुरु-दिल्ली सेक्टर से काफी आगे है, जहां हर साल 46.8 लाख यात्री यात्रा करते हैं।

दिल्ली भारत के एयरलाइन नेटवर्क की रीढ़ बन गई है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के आंकड़ों से पता चलता है कि ये एयर कनेक्टिविटी बिजनेस हब, टेक्नोलॉजी सेंटर और उभरते आर्थिक क्षेत्रों को जोड़ती है।

DGCA flight

फ्लाइट जोन में क्यों है दिल्ली का दबदबा?

भारत के एविएशन इकोसिस्टम में दिल्ली की बड़ी भूमिका के पीछे कई कारण हैं। राजधानी होने की वजह से कोने-कोने से लोग यहां आकर बसते हैं। काम की तलाश लोगों को दिल्ली तक ले आती है। आइए जानते हैं कि एविएशन सेक्टर में दिल्ली की बढ़ती भूमिका के और क्या-क्या कारण हैं।

भारत की राजनीतिक राजधानी: देश का शासन दिल्ली से चलता है। देश से जुड़े कई बड़े फैसले दिल्ली में ही लिए जाते हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार, विदेशी दूतावास, मंत्रालय और रेगुलेटरी संस्थाएं दिल्ली में ही हैं, जिससे साल भर बिजनेस ट्रैवल की मांग बनी रहती है।

कई राज्यों के लिए केंद्र है दिल्ली: दिल्ली का एयरपोर्ट न सिर्फ राजधानी के लिए, बल्कि हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी काम करता है।

मजबूत फ्लाइट नेटवर्क: दिल्ली समेत इसके आस-पास के राज्यों के लोगों का दिल्ली से फ्लाइट लेने की बड़ी वजह यह भी है कि यहां से दुनिया के कई देशों के लिए फ्लाइट मिलना आसान है। देखा जाए तो दुनिया के कोने-कोने तक दिल्ली से फ्लाइट उड़ती हैं।

कॉर्पोरेट कनेक्टिविटी: दिल्ली के मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद के साथ मजबूत बिजनेस संबंध हैं, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों की लगातार मांग बनी रहती है।

एयरलाइन हब ऑपरेशन्स: ज्यादातर बड़ी एयरलाइंस दिल्ली का इस्तेमाल यात्रियों को उत्तरी और अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन्स तक जोड़ने के लिए एक हब के तौर पर करती हैं। अकेले दिल्ली-मुंबई रूट पर ही काफी ज्यादा ट्रैफिक होता है।

दिल्ली-मुंबई रूट से जुड़े सेक्टर

दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर भारत का न्यूयॉर्क-वॉशिंगटन या लंदन-मैनचेस्टर बिजनेस ट्रैवल रूट जैसा है। इस वजह से यह देश का सबसे व्यस्त और कमर्शियली सबसे जरूरी घरेलू सेक्टर है।

  • भारत की राजनीतिक राजधानी
  • भारत की आर्थिक राजधानी
  • बड़ी कंपनियों के हेडक्वार्टर
  • सरकारी संस्थाएं
  • फाइनेंशियल सर्विस कंपनियां
  • मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्रीज
दिल्ली-मुंबई रूट की कनेक्टिविटी बाकी रूट से कितनी ज्यादा है, इस बात का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है।
  • दिल्ली-मुंबई रूट पर बेंगलुरु-दिल्ली की तुलना में 21.7 लाख ज्यादा यात्री
  • दिल्ली-मुंबई रूट पर बेंगलुरु-मुंबई की तुलना में 27.4 लाख ज्यादा यात्री
  • दिल्ली-मुंबई रूट पर दिल्ली-पुणे के ट्रैफिक से दोगुने से भी ज्यादा यात्री

टॉप 5 रूटों के बीच यात्री ट्रैफिक का अंतर

भारत की एविएशन ग्रोथ की कहानी कुछ खास शहरों तक ही सीमित होती जा रही है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद देश के प्रमुख आर्थिक और एविएशन सेंटर के तौर पर उभर रहे हैं।

जैसे-जैसे एयरलाइंस नए विमान जोड़ रही हैं और एयरपोर्ट अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं, इन शहरों की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है।

हालांकि, जानकारों का कहना है कि भारत में एविएशन ग्रोथ का अगला चरण इन स्थापित हब से आगे और सीधे इंटर-सिटी रूट विकसित करने, भीड़ कम करने और टियर-2 और टियर-3 शहरों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर निर्भर करेगा।

Delhi flight (2)

देश का दूसरा एविएशन पावरहाउस- बेंगलुरु

एविएशन सेक्टर पर दिल्ली का दबदबा भले ही कायम हो, लेकिन बेंगलुरु भारत के दूसरे एविएशन पावरहाउस के तौर पर तेजी से उभर रहा है।

हवाई यात्रा के टॉप 10 रूट्स में से तीन में बेंगलुरु शामिल है। यह डेटा भारत की टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप राजधानी के तौर पर बेंगलुरु की अहमियत को दिखाता है।

  • बेंगलुरु – दिल्ली
  • बेंगलुरु – मुंबई
  • बेंगलुरु – कोलकाता

(सोर्स: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), घरेलू यात्री यातायात डेटा 2024-25)

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