नई दिल्‍ली, एजेंसियां। रक्षा सचिव अजय कुमार (Ajay Kumar) ने शुक्रवार को कहा कि सत्र 2021-22 से सैनिक स्कूलों (Sainik schools) में भी ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण को लागू किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि अकादमिक सत्र 2021-22 से सैनिक स्‍कूलों में 27 फीसद सीटें अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, रक्षा सचिव ने ट्वि‍टर पर यह जानकारी साझा करते हुए बीते 13 अक्‍टूबर को जारी सर्कुलर भी साझा किया। यह सर्कुलर देश के सभी सैनिक स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों को भेजा जा चुका है। 

जारी सर्कुलर में कहा गया है कि  67 फीसद सीटें उस राज्‍य या केंद्र शासित प्रदेश के लिए आरक्षित होंगी जहां सैनिक स्‍कूल स्थित है जबकि 33 फीसद सीटें बाहरी राज्‍यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। आरक्षण की इन सूचियों को लिस्‍ट ए और लिस्‍ट बी नाम दिया गया है। यही नहीं हर लिस्‍ट में 15 फीसद सीटें अनुसूचित जाति, 7.5 फीसद सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए जबकि 27 फीसद सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित होंगी। उल्‍लेखनीय है कि सैनिक स्कूल सोसाइटी मौजूदा वक्‍त में देश में ऐसे 33 आवासीय स्कूलों का प्रबंधन करती है। यह रक्षा मंत्रालय के तहत काम करती है। सर्कुलर में कहा गया है कि आरक्षण को लेकर नया आदेश अकादमिक सत्र 2021-22 प्रभाव में आएगा। 

इससे इतर तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट में सफल सरकारी स्कूलों के छात्रों को चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए 7.5 फीसद आरक्षण प्रदान करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। समाचार एजेंसी पीटीआइ के मुताबिक, तमिलनाडु सरकार ने मौजूदा शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले को लेकर नीट पास करने वाले राज्य संचालित स्कूलों के छात्रों को 7.5 फीसद आरक्षण देने के आदेश जारी किया था। इसी आदेश को राज्यपाल ने विधेयक के तौर पर मंजूरी दी है। 

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