यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एबीवीपी के अधिवेशन में बोले पर्रीकर, खराब शिक्षक देश की नस्लें खराब कर देंगे
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर का कहना है कि हमें शिक्षा देने वाले अच्छे शिक्षक चाहिए। खराब शिक्षक आए तो वे देश की नस्लें खराब कर देंगे।

इंदौर (जागरण ब्यूरो)। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने कहा कि देश के खिलाफ जब भी किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज में आवाज उठे तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को अपना दायित्व निभाना चाहिए। जिन्होंने देश में इमरजेंसी लगाई और जिनके पुरखों ने देश का गला दबा दिया, वे अब लोकतंत्र की बातें कर रहे हैं। हमें हमारी पीढि़यां अच्छी रखनी होंगी। इसके लिए शिक्षा देने वाले अच्छे शिक्षक चाहिए। खराब शिक्षक आए तो वे देश की नस्लें खराब कर देंगे। देश के छात्र राष्ट्रभक्ति में इस तरह घुल जाएं जैसे शकर-पानी।
पर्रीकर ने शनिवार को एबीवीपी के 62वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में कहा कि ज्ञान डिग्री से नहीं आता, दुनिया ही सबसे बड़ी डिग्री है। मैं अब भी छात्र हूं और लगातार ज्ञान लेने की कोशिश करता हूं। उन्होंने कहा ईमानदारी नीतियों से नहीं, सिद्धांतों से आती है। नीतियां बदली जा सकती हैं, सिद्धांत नहीं।
सर्जिकल स्ट्राइक की रात नींद नहीं आई :
रक्षा मंत्री ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक की रात उन्हें नींद नहीं आई। सारी रात यही डर सताता रहा कि कहीं-कुछ गलत हो गया तो देश को क्या जवाब देंगे? लेकिन हमारे देश की सेना ने बहुत अच्छा काम किया और देश का सम्मान बनाए रखा। सर्जिकल स्ट्राइक के समय मैंने तारीफ और आलोचना दोनों सुनी लेकिन अधिवेशन स्थल पर केवल सर्जिकल स्ट्राइक की तारीफ ने मेरा उत्साह बढ़ा दिया।
जो गोवा नहीं गया, वह छात्र नहीं :
पर्रीकर ने युवाओं को गोवा आने का आमंत्रण देते हुए सभी को खिलखिला दिया कि जो गोवा नहीं गया, वह विद्यार्थी नहीं। विद्यार्थी गोवा जरूर आएं, बस नशे की गिरफ्त से दूर रहें।
खूब हंसे युवा पर्रीकर की बातों पर..:-
'जब भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान से खेलती है और जीतती है तो देश के लोग खिलाडि़यों को सिर पर बैठाते हैं। मुझे यह सोचकर टेंशन होता है कि कभी पाकिस्तान से हमारी टीम हार गई तो भारतीय खिलाडि़यों का क्या होगा'
-'मेरी हिंदी अच्छी नहीं है। कोई गलती हो तो माफ करना। मैं पहले कोंकणी में सोचता हूं और मन ही मन उसे हिंदी में ट्रांसलेट करता हूं।'
उन्होंने कहा कि साफ चरित्र से भी राजनीति में आगे बढ़ा जा सकता है। यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबित कर दी है जिन पर देश की जनता को पूरा विश्वास है। यह बात उन्हें समझ नहीं आएगी जो आलू की फैक्टरी लगाने की बात करते हैं।'
उन्होंने कहा, 'मैं जब कॉलेज में था तो एक कार्यक्रम में डायरेक्टर ने बहुत लंबा भाषण दे डाला तो हम छात्रों ने जोर-जोर से तालियां बजाना शुरू कर दी। हम चाहते थे कि वे अपना भाषण खत्म कर दें लेकिन उन्होंने उलटा समझा और आधा-पौन घंटा और भाषण दे डाला इसलिए आप लोग मेरे भाषण के बीच में तालियां मत बजाओ।'
