नई दिल्ली, एएनआइ। भारत बायोटेक और सीरम इंस्टूट्यूट ने अपने कोरोना रोधी टीकों क्रमश: कोवैक्सीन और कोविशील्ड के लिए नियमित विपणन के लिए औषधि महानियंत्रक से मंजूरी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, डीसीजीआइ की विशेषज्ञ समिति शुक्रवार को कोवैक्सिन और कोविशील्ड के फुल मार्केटिंग अप्रूवल के लिए भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के आवेदनों की समीक्षा करेगी।

सीरम इंस्टीट्यूट ने पिछले साल दिसंबर में कोविशील्ड वैक्सीन के लिए फुल मार्केटिंग की मंजूरी के लिए आवेदन किया था और भारत बायोटेक ने भी 10 दिन पहले इसके लिए आवेदन किया था। इसके अलावा, भारत बायोटेक ने सूचित किया है कि कोवैक्सिन अब वयस्कों और बच्चों के लिए एक यूनिवर्सल टीका है। कंपनी ने कहा, कोविड-19 के खिलाफ एक वैश्विक टीका विकसित करने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है। यही नहीं लाइसेंस के लिए सभी अहर्ताएं भी पूरी कर ली गई हैं। हालांकि, कोवैक्सिन और कोविशील्ड दोनों ही वर्तमान में केवल आपातकालीन उपयोग के लिए अधिकृत हैं। भारत बायोटेक ने बुधवार को कहा कि जिन लोगों को कोवैक्सीन की बूस्टर डोज शुरुआती दो खुराक के छह महीने बाद दी गई उनमें ओमिक्रोन और डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ प्रतिरक्षा क्षमता बनती पाई गई है। इससे पहले के अध्ययनों में कोवैक्‍सीन के अल्फा, बीटा, डेल्टा, जीटा और कप्पा को रोकने की क्षमता प्रदर्शित हुई थी।

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) की एक जनवरी और दो जनवरी, 2021 को हुई बैठक में भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया के कोरोना टीकों के प्रतिबंधित इमरजेंसी अप्रूवल के प्रस्ताव के संबंध में सिफारिशें की गईं थी।

Edited By: Neel Rajput