पहले धरना और अब संसद में काले कपड़े पहनकर पहुंचे विपक्ष के सांसद... सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज करते हुए संसद में काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। उन्होंने ...और पढ़ें
HighLights
विपक्षी सांसदों ने संसद में काले कपड़े पहनकर विरोध किया।
सुरक्षा बलों की बदसलूकी, पेपर लीक पर सरकार को घेरा।
गृह मंत्री, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार को विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया। सुरक्षा बलों द्वारा छात्रों और सांसदों के साथ कथित बदसलूकी के विरोध में कई नेता काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। इन विरोध प्रदर्शनों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और टीएमसी के सांसद शामिल हुए।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी काले कपड़े पहने और संसद के गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कांग्रेस सांसदों के साथ कई अन्य विपक्षी सांसद भी शामिल हुए।
समाजवादी पार्टी के सांसदों ने पहना काला स्कार्फ
सरकार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए समाजवादी पार्टी के सांसदों ने भी काले स्कार्फ पहने। एसपी प्रमुख अखिलेश यादव भी पीएम आवास के बाहर कांग्रेस के धरने में शामिल हुए थे और कांग्रेस नेताओं के साथ उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया था।
क्या बोले विपक्ष के सांसद?
इस विरोध प्रदर्शन पर बात करते हुए कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने कहा कि काले कपड़े पहनने का फैसला मंगलवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान विपक्ष के नेता (LoP) और संसद के अन्य सदस्यों के खिलाफ पुलिस की 'बर्बर' कार्रवाई का सीधा जवाब था। उन्होंने जोर देकर कहा कि मकर द्वार पर किया गया यह विरोध प्रदर्शन सुरक्षा बलों की मनमानी के खिलाफ असहमति जताने का एक तरीका था।
हमले में शामिल होते हुए राजद सांसद संजय यादव ने पेपर लीक के बार-बार होने वाले मुद्दे और बेरोजगारी में 50 साल के उच्चतम स्तर पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने प्रशासन पर पारदर्शिता की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे युवाओं के खिलाफ दमनकारी रणनीति अपनाने का आरोप लगाया।
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए। उन्होंने दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया और साथ ही सोमवार को सीजेपी कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की भी निंदा की।
