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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Covid Delta Plus Variant: कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से घातक कोई दूसरा स्ट्रेन नहीं

By Sanjay PokhriyalEdited By:
Published: Wed, 23 Jun 2021 01:05 PM (IST)Updated: Wed, 23 Jun 2021 04:23 PM (IST)

डब्ल्यूएचओ के मुख्य विज्ञानी सौम्या स्वामीनाथन ने बताया कि भारत में इस समय सर्वाधिक प्रकोप डेल्टा वैरिएंट का है। ब्रिटेन ...और पढ़ें

लंदन के इंपीरियल कालेज के महामारी विशेषज्ञ नील फग्र्यूसन ने बताया कि अल्फा वैरिएंट सुपर स्प्रेडर रहा है।
लंदन के इंपीरियल कालेज के महामारी विशेषज्ञ नील फग्र्यूसन ने बताया कि अल्फा वैरिएंट सुपर स्प्रेडर रहा है।

नई दिल्‍ली, जेएनएन। भारत में बीते दो महीने से ज्यादा समय से कहर बरपा रहे कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से घातक कोई दूसरा स्ट्रेन नहीं है। लोगों में बहुत तेजी से फैलने वाले इस वैरिएंट ने महामारी की दूसरी लहर में देखते-देखते हजारों- हजार लोगों की जिंदगी निगल ली। इसकी चपेट में आए लोग जब तक जांच और सही इलाज की प्रक्रिया अपना पाते दम तोड़ बैठे। कुछ लोगों की जिंदगी का वारा-न्यारा तो मात्र दो-तीन के भीतर ही हो गया।

कितना संक्रमणकारी: माना जाता है कि डेल्टा वैरिएंट अब तक का सबसे ज्यादा संक्रमणकारी है। यूरोप की पहली लहर में पाए गए वैरिएंट से जहां एक आदमी से औसतन तीन लोगों के संक्रमित होने की आशंका रहती थी वहीं डेल्टा वैरिएंट से ग्रसित व्यक्ति पांच से आठ लोगों को संक्रमित कर सकता है।

अल्फा (बी.1.1,7) : यह वैरिएंट सबसे पहले सितंबर 2020 में ब्रिटेन में पाया गया। यह मूल कोरोना वायरस की अपेक्षा 30 से 70 फीसद ज्यादा घातक पाया गया। इस पर कोरोना वैक्सीन कारगर पाई गई।

बीटा (बी.1.351) : यह वैरिएंट सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया। मूल वायरस की अपेक्षा यह भी बहुत तेजी से फैलता है। कई मामलों में वैक्सीन से

बनने वाली प्रतिरोधकता को भी यह वैरिएंट धता बता देता है। इसके चलते दोबारा संक्रमण की आशंका रहती है।

गामा (पी.1) : यह वैरिएंट पिछले साल नवंबर में सबसे पहले ब्राजील में संज्ञान में आया था। कई म्यूटेशन होने से यह तेजी से फैलता है। बीटा की तरह इससे भी लोगों के दोबारा संक्रमित होने की आशंका रहती है।

डेल्टा (बी.1.617.2) : यह वैरिएंट भारत में सबसे पहले अक्टूबर में महाराष्ट्र में पाया गया। दूसरी लहर में देश में कोहराम मचाने के लिए यही वैरिएंट जिम्मेदार रहा। यह अब तक का सबसे तेजी से संक्रमण फैलाने वाला वैरिएंट है। यह वैक्सीन और कोरोना से बनी प्रतिरोधक क्षमता को धता बताने में भी सक्षम है।

डब्ल्यूएचओ के मुख्य विज्ञानी सौम्या स्वामीनाथन ने बताया कि भारत में इस समय सर्वाधिक प्रकोप डेल्टा वैरिएंट का है। ब्रिटेन में 91 फीसद नए मामले डेल्टा के आ रहे हैं। अमेरिका में डेल्टा के मामले 15 दिन में दोगुने हो रहे हैं। जल्द ही यह वैरिएंट दुनिया भर में छा जाएगा।

लंदन के इंपीरियल कालेज के महामारी विशेषज्ञ नील फग्र्यूसन ने बताया कि अल्फा वैरिएंट सुपर स्प्रेडर रहा है। लेकिन डेल्ट वैरिएंट उससे 60 फीसद अधिक तेजी से फैलने वाला वैरिएंट है।

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