बेंगलुरु, आईएएनएस। कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए बेंगलुरु में मास्क को जरूरी कर दिया गया है। नागरिक निकाय के आयुक्त ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना महामारी (COVID-19) के बीच शहर में थूकने, पेशाब करने, कूड़ा डालने और सार्वजनिक जगहों पर मास्क नहीं पहनने पर पहली बार 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिक (बीबीएमपी) आयुक्त बी.एच. अनिल कुमार ने एक आदेश में कहा कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं, संगठनों पर महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत सक्षम अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि लगातार दूसरे उल्लंघन पर बीबीएमपी 2,000 रुपये का जुर्माना लगाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर मुंह और नाक को ढंकने के लिए मास्क पहनना और कार्यस्थल में पांच से अधिक लोगों का एक साथ मौजूद होना अनिवार्य है।

सार्वजनिक जगहों पर थूकना, पेशाब करना, कूड़ा डालना अपराध                                                          

कुमार ने लोगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से अपील करते हुए कहा कि इस्तेमाल हो चुके मास्क और दस्तानों को कूड़ा ले जाने वालों को देने से पहले उसे अच्छी तरह से सील कर दें, ताकि उसका सुरक्षित तरीके से निपटान किया जा सके। उन्होंने कहा कि इस महामारी के समय सार्वजनिक जगहों पर थूकना, पेशाब करना, कूड़ा डालना और किसी भी तरह के उपद्रव पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और ऐसा करने पर इसे अपराध माना जाएगा।

कर्नाटक में कोरोना संक्रमण से 21 लोगों की मौत 

बता दें कि कर्नाटक में कोरोना संक्रमण के मामलं की संख्या 565 हो गई है, जबकि राज्य में अबतक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में कोरोना के अबतक 35,043 केस सामने आए हैं, जिनमें से 1147 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 8889 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। देश में कुल 25,007 ऐक्टिव केस हैं।

Posted By: Manish Pandey

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