नई दिल्‍ली (ऑनलाइन डेस्‍क)। बीते नौ माह से पूरी दुनिया में जारी कोविड-19 का कहर अब भी कम नहीं हुआ है। रॉयटर्स के मुताबिक पूरी दुनिया में इससे संक्रमितों की कुल संख्या चार करोड़ (40,064,699) के पार पहुंच गई है। वहीं इससे मरने वालों संख्या भी बढ़कर 11.13 लाख से अधिक हो गई है। इसके अलावा 27,890,525 लोग अब स्वस्थ हो चुके हैं। बीते कई माह से लगातार अमेरिका इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आना दुनिया का सबसे बड़ा देश है और यहां पर अब तक 8,182,184 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 219,666 की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 3,615,894 मरीज ठीक भी हुए हैं।

इसके टॉप-5 देशों में अमेरिका के बाद भारत का नंबर है, जहां अब तक इसके संक्रमण के कुल मामले 7,550,273 हो चुके हैं और इसकी वजह से 114,610 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा 6,663,608 मरीज ठीक भी हुए हैं। इस लिस्‍ट में तीसरे नंबर पर ब्राजील है जहां पर इसके कुल मामले 5,235,344 हैं और 153,905 की मौत हो चुकी है जबकि 4,650,030 मरीज ठीक हुए हं। चौथे नंबर पर रूस आता है। यहां पर अब तक इसके 1,399,334 मामले सामने आ चुके हैं और 24,187 की मौत भी हो चुकी है। करीब 1,070,576 मरीज ठीक भी हुए हैं। पांचवें नंबर पर अर्जेनटीना है, जहां इसके 989,680 मामले सामने आ चुके हैं और 26,267 लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक यहां पर 803,965 मरीज ठीक भी हुए हैं।

भारत की जनसंख्‍या के लिहाज से कोविड-19 के मामलों को देखा जाए तो वो उस अनुपात में काफी कम हैं। यूरोप में संक्रमितों की संख्या में उछाल आया है। अकेले यूरोप में अब अब तक इस महामारी की चपेट में 6,987,951 लोग आ चुके हैं जबकि 238,885 की मौत भी हो चुकी है। आपको ये भी बता दें कि कुछ यूरोपीय देशों में इस महामारी की दूसरी लहर भी देखी जा रही हैं। खासतौर यूरोपीय देशों में आई दूसरी लहर से पहले की तुलना में अधिक मामले सामने आ रहे हैं। इसको देखते हुए कुछ देशों ने अपने यहां पर कुछ शहरों और राज्‍यों में दोबारा लॉकडाउन लगा दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक यूरोप में पूरी दुनिया में सामने आने वाले कोविड-19 के मरीजों में एक तिहाई मरीज थे। जानकारों की राय में जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं उस तरह से संक्रमितों के अलावा इससे मरने वालों की भी संख्‍या बढ़ सकती है। संगठन का ये भी कहना है कि शुरुआत से लेकर अब तक इस वायरस में कई तरह के बदलाव आ चुके हैं। इसके अलावा इससे शरीर में आने वाले लक्षण भी काफी हद तक बदल गए हैं।

गौरतलब है कि इस महामारी से निपटने के लिए पूरी दुनिया के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं। इनकी कोशिश इसकी एक कारगर दवा बनाने की है। हालांकि जानकारों की राय में इसकी एक कारगर वैक्‍सीन अगले वर्ष ही संभवत आ सकेगी। आपको यहां पर ये भी बता दें कि भारत में अनलॉक की चरणबद्ध प्रक्रिया शुरू होने के बाद सरकार ने कोविड-19 से प्रभावित हुई अर्थव्‍यवस्‍था को दोबारा पटरी पर लाने के लिए काफी कदम उठाए हैं। सरकार लगातार लोगों से लापरवाही न बरतने की अपील कर रही है।

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