नई दिल्ली। पेट्रोल की कीमतों में हुए वृद्धि के खिलाफ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन [एनडीए] एवं वाम दलों की ओर से आहूत भारत बंद का मिलाजुला असर देखा गया। ओड़िशा में सत्तासीन बीजद के अलावा केंद्र की यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने भी बंद का समर्थन किया है।

भाजपा शासित कर्नाटक के अलावा महाराष्ट्र एवं पश्चिम बंगाल में पथराव, आगजनी व सड़क जाम किए जाने की भी खबर है।

दिल्ली में बंद के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी एवं पार्टी नेता संजय जोशी की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ताओं ने यहां अक्षरधाम मंदिर के पास प्रदर्शन किया। उन्होंने वहां से गुजरने वाली सड़कें भी जाम की।

राजधानी की सड़कों पर कम संख्या में ऑटो होने की वजह से लोगों ने मेट्रो से सफर करना मुनासिब समझा। पुलिस ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 24 को जाम कर दिया गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली-रोहतक मार्ग भी बंद रखा है।

हालांकि राष्ट्रीय राजधानी में बंद का ज्यादा असर नहीं हुआ, लेकिन राजग एवं वाम दलों के समर्थकों ने शहर के कई जगहों पर यातायात जाम किया। सड़कों पर बहुत कम तादाद में ऑटो है।

वहीं, देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में बंद समर्थकों ने शहर के दो उपनगरीय इलाकों में बसों पर पथराव किया। महाराष्ट्र के पुणे में 13, नागपुर एवं ठाणे में 10 बसों पर पथराव किया गया। सतारा जिले में सड़क जाम कर कई बसें रोक ली गईं। हालांकि, मुंबई की लोकल ट्रेनें व बसें ज्यादातर हिस्सों में आम दिनों की तरह चलती रही।

इस बीच मुंबई विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि गुरुवार के बंद के बावजूद उसके परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा।

उत्तार प्रदेश में भारत बंद का व्यापक असर देखा जा रहा है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत राज्य के लगभग सभी हिस्सों में इस बंद का जनजीवन पर खासा असर पड़ा है। बंद के समर्थन में ज्यादातर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। व्यापारियों ने जगह-जगह जुलूस निकाले, नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपे।

लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल के दामों में हाल में हुई वृद्धि के खिलाफ खासतौर पर नाराजगी जताते हुए पार्टी मुख्यालय के सामने बैलगाड़ी पर बैठकर प्रदर्शन किया।

इसके अलावा फिरोजाबाद में बंद समर्थकों द्वारा रेलमार्ग जाम किए जाने की भी खबर मिली है। प्रदेश के बाराबंकी, सुलतानपुर, मिर्जापुर, गोरखपुर, बहराइच, बलिया, सिद्धार्थनगर, वाराणसी, इलाहाबाद, हरदोई, सीतापुर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा तथा कानपुर समेत विभिन्न जिलों में बंद का व्यापक असर होने की सूचना प्राप्त हुई है।

दूसरी ओर इस दौरान संप्रग सरकार पर हमला करते हुए वाराणसी में भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी ने कहा है कि पेट्रोल के मूल्य में वृद्धि सहित अन्य मुद्दों पर देश भर में की गई अभूतपूर्व बंदी केंद्र सरकार के लिए चेतावनी है।

ओड़िशा में भी आम जनजीवन प्रभावित हुआ। पुलिस ने बताया कि राज्य भर में कड़ी सुरक्षा के बीच बंद शांतिपूर्ण रहा।

राजधानी भुवनेश्वर सहित पूरे राज्य में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद रहे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बंद की वजह से रेल यातायात भी बाधित हुआ।

कांग्रेस शासित हरियाणा में बंद का कोई खास असर नहीं हुआ। राज्य के ज्यादातर हिस्सों में दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान खुले रहे।

राजस्थान के बड़े शहरों में बाजार बंद रहे। बंद के कारण निजी बसें भी सड़कों पर नजर नहीं आई।

कर्नाटक में बंद की वजह से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ। यहां बंद समर्थकों ने तीन बसों को आग के हवाले कर दिया और दर्जनों अन्य बसों पर पथराव किया जिसकी वजह से अधिकारियों को शहर में बस सेवाएं बंद करनी पड़ी। कर्नाटक के कई हिस्सों में सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ। दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे।

केरल में बंद का कोई असर नहीं हुआ। तमिलनाडु में भी इसका कोई खास असर नहीं देखा गया।

बिहार में राजग संयोजक एवं जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन सहित 800 कार्यकर्ताओं को बंद के दौरान हिरासत में लिया गया। पटना में जदयू एवं भाजपा के कार्यकर्ताओं ने रैलियां निकाली और प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जगह जगह पर टायर जलाकर वाहनों का परिचालन बाधित किया।

करीब 700 समर्थकों के साथ सहरसा में जुलूस निकालने वाले यादव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

भाजपा प्रवक्ता शहनवाज हुसैन और कई अन्य नेताओं को भागलपुर शहर में हिरासत में लिया गया।

इसी बीच यादव ने मांग की कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पेट्रोलियम उत्पादों और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों में तेजी से हो रहे इजाफे पर काबू पाने में नाकाम रहने के कारण अपने पद से इस्तीफा दें।

पश्चिम बंगाल में बंद समर्थकों ने कुछ इलाकों में सड़कें जाम कर दी और रेल की पटरियों पर ही धरना दिया।

बंद समर्थकाें ने हावड़ा पुल जाम कर दिया। यह पुल कोलकाता को हावड़ा जिले से जोड़ता है। बांकुरा और बारासात जिले के अलावा बज बज सहित कई दूसरी जगहों पर भी सड़कें जाम की गईं। बहरहाल, बसें, कारें, टैक्सियां और ट्राम कोलकाता में कम तादाद में नजर आ रहे थे।

पंजाब में बंद को सत्तारूढ़ अकाली दल ने भी समर्थन किया है। सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की उपस्थिति कम रही। सरकारी कार्यालय खुले हुए हैं, हालांकि उपस्थिति कम है। बैंक भी खुले हैं और रोजाना की तरह कामकाज हो रहा है। बंद के मद्देनजर कम ही लोग अपने घरों से निकले इस वजह से सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही कम है। हड़ताल की वजह से पंजाब में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ।

लुधियाना, जालंधर, बटाला, कपूरथला, पठानकोट और अमृतसर में वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हालांकि, कारखाने और दूसरी औद्योगिक इकाइयां चालू थीं।

निजी बसों सहित दूसरे वाहन सड़कों से नदारद रहने के कारण सार्वजनिक परिवहन भी प्रभावित हुआ। इससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।

बहरहाल, चंडीगढ़ में दुकानें एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान खुले रहे और बसें भी आम दिनों की तरह चलती रहीं।

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