कोच्चि। कॉरपोरेशन बैंक के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजय कुमार ने एक बार फिर कहा है कि उनके बैंक ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी को 7.94 करोड़ रुपये की कोई ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान नहीं की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीएलएफ और वाड्रा के बीच भूमि खरीद को लेकर उपजे विवाद में हमारे बैंक की कोई भूमिका नहीं। हम तो बस इतना जानते हैं कि हमने उन्हें कोई लोन या ओवरड्राफ्ट नहीं दिया।

वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी की बैलेंस शीट में बैंक से ओवरड्राफ्ट मिलने का जिक्र होने पर उन्होंने कहा कि इस बारे में उनके पास कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है और इस तरह की लेखा पद्धति पर उन्हें कुछ नहीं कहना। अजय कुमार इसके पहले अहमदाबाद में भी वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को कोई ओवरड्राफ्ट न देने की बात कह चुके हैं। उनके इस बयान से यह सवाल और गहरा गया था कि वाड्रा 7.94 करोड़ रुपये की वह रकम कहां से लाए जो उन्होंने अपनी कंपनी की बैलेंस सीट में ओवरड्राफ्ट के जरिये मिली दर्शाई है और जिसके बल पर उन्होंने वह जमीन खरीदी जिसे डीएलएफ को बेचकर मोटा मुनाफा कमाया।

गौरतलब है कि स्काईलाइट ने कंपनी रजिस्ट्रार के समक्ष दाखिल वित्तीय वर्ष 2007-08 की लेखा रपट में दर्ज किया है कि कॉरपोरेशन बैंक की दिल्ली स्थित न्यू फ्रेंडस कालोनी शाखा ने कंपनी को ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान की है। लेखा रपट में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन वाड्रा के हस्ताक्षर हैं।

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