नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि आने वाले दिनों में कोरोना रोधी टीकाकरण अभियान को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि टीकाकरण अभियान के तहत लगाई जा रही भारत निर्मित दोनों वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित हैं और इनको लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।

लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान हर्षवर्धन ने कहा कि देश में अब तक करीब चार करोड़ लोगों को टीका लगाया गया है और इनमें से बहुत ही मामूली प्रतिकूल प्रभाव के मामले देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि अभी प्राथमिकता वाले समूहों के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसे बढ़ाया जाएगा। प्राथमिकता समूहों का निर्धारण करने में भारतीय विशेषज्ञों के साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह भी ली गई है। प्राथमिकता प्रक्रिया एक गतिशील प्रक्रिया है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक नजरिये से भी देश के प्रत्येक व्यक्ति को टीका लगाना आवश्यक नहीं है। दुनिया में भी प्रत्येक व्यक्ति को टीका नहीं लगाया जाएगा। वैक्सीन लेने से भविष्य में खतरे की आशंका संबंधी सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जो बीमारियां वैक्सीन लेने से ही ठीक हो सकती हैं, उनके लिए वैक्सीन लेना ही उचित है। पोलिया और चेचक को वैक्सीन के जरिये ही खत्म किया जा सका है। कोरोना वैक्सीन को लेकर किसी तरह की आशंका नहीं चाहिए। इसकी पूरी परख हुई है।

बच्चों पर कोरोना का प्रभाव कम

बच्चों में कोरोना संक्रमण से संबंधित एक सवाल के लिखित जवाब में हर्षवर्धन ने अब तक विश्लेषण से यह सामने आया है कि 14 साल तक के बच्चे कोरोना वायरस से कम प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक बच्चों में हल्के लक्षण देखने को मिले हैं और ज्यादातर में तो लक्षण नजर भी नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को कोरोना के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए अभी कोई विशेष कार्ययोजना नहीं तैयार की गई है।

निजी अस्पतालों में और टीका केंद्र बनेंगे

केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने सदन को बताया कि दिल्ली और गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) और राज्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के अलावा अन्य निजी स्वास्थ्य सुविधाओं को भी कोरोना टीकाकरण केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जा रही है। इन राज्यों ने इसके लिए अनुरोध किया था।

Edited By: Neel Rajput