बेंगलुरु, एएनआइ। कोरेाना वायरस के कारण लोगों में दहशत व्‍याप्‍त है। कई बार कोरेाना मरीजों को समाज में निशाना बनाया जाता है। इसे लेकर देश में कई घटनाएं देखने को मिल रही हैं। इसी कड़ी में बेंगलुरू के एक अस्‍पताल की पांचवीं मंजिल से कूदकर कोरोना वायरस के मरीज ने आत्‍महत्‍या कर ली। बेंगलुरु शहर के दक्षिणी प्रभाग की पुलिस कमिश्‍नर डॉ. रोहिणी कटोच सेपट ने बताया कि कर्नाटक, बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में आज सुबह 8:30 बजे चौथी या पाँचवीं मंजिल से एक कोरेाना वायरस के मरीज ने कूदकर आत्महत्या कर ली। हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। 

ठीक ऐसे ही दिल्ली में एक कोरोना संदिग्ध ने एम्‍स में आत्महत्या करने का प्रयास किया। एक कोरोना संदिग्ध मरीज एम्स के जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर की तीसरी मंजिल से कूद गया और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है। उसे संदिग्ध मानकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

दिल्‍ली एम्स के निदेशक डाक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि कलंकित होने के डर से अधिकांश लोग कोरोना की जांच के लिए जल्दी सामने नहीं आते हैं। ऐसी स्थिति में मरीज का इलाज देर से शुरू होने पर ही उसकी जान जाने की आशंका बढ़ जाती है। किसी मरीज में इस बीमारी की पहचान जल्द हो जाए तो उसके इलाज में आसानी रहती है।

कोरोना जैसे लक्षण होने पर भी लोग समाज में बहिष्कार के डर से जांच कराने सामने नहीं आ रहे। वे अस्पताल तभी पहुंचते हैं, जब उनकी तबियत काफी बिगड़ चुकी होती है। 

 

Posted By: Arun Kumar Singh

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