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'मेरे खिलाफ साजिश रची गई': मणिपुर के पूर्व CM बीरेन सिंह ने अपनों पर ही लगाया आरोप

Published: Fri, 30 Oct 2026 05:07 PM (IST)

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने राज्य भाजपा नेताओं पर कांग्रेस के साथ मिलकर उन्हें पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।

बीरेन सिंह ने भाजपा नेताओं पर कांग्रेस से मिलकर साजिश का आरोप

बीरेन सिंह ने भाजपा नेताओं पर कांग्रेस से मिलकर साजिश का आरोप

HighLights

  1. बीरेन सिंह ने भाजपा नेताओं पर साजिश का आरोप लगाया

  2. कांग्रेस के साथ मिलकर उन्हें पद से हटाया गया

  3. इस्तीफे के बाद भी राज्य में हिंसा जारी है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने राज्य भाजपा नेतृत्व के कुछ नेताओं पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उन्हें पद से हटाने के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर साजिश रची थी। सिंह ने फरवरी 2025 में अपने इस्तीफे के बाद से राज्य में जारी हिंसा पर भी सवाल उठाए।

समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ एक विशेष इंटरव्यू में सिंह ने कहा कि अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा सरकार को लोगों का खोया हुआ भरोसा और विश्वास फिर से जीतने के लिए तुरंत काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि जनता की ओर से उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाने की जोरदार मांग है।

कांग्रेस के साथ मिलकर साजिश रची: सिंह

सिंह ने पीटीआई से कहा, '2017 से ही मेरे साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया। मैं केंद्र सरकार के नेतृत्व पर आरोप नहीं लगा रहा हूं, बल्कि राज्य के उन नेताओं पर आरोप लगा रहा हूं जिन्होंने कांग्रेस के साथ मिलकर मेरे खिलाफ साजिश रची।'

उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ साथी उनके आगे बढ़ने से नाखुश थे, खासकर तब जब वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। उन्होंने आगे कहा, 'कुछ विधायक यह कभी स्वीकार नहीं कर पाए कि कांग्रेस छोड़कर आने के बाद मैं दो बार मुख्यमंत्री कैसे बन गया। वे भाजपा को अपनी निजी संपत्ति मानते हैं। इसलिए उन्होंने साजिश रची, योजना बनाई और मुझसे इस्तीफा दिलवा दिया।"

वाई. खेमचंद सिंह के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार ने इस साल फरवरी में कार्यभार संभाला। उन्होंने पूछा, 'अब बीरेन हट गए हैं। तो अब क्या हुआ? कितने नागा भाई मारे गए हैं? वे मुझ पर आरोप लगा रहे थे।

वे कह रहे थे कि मैं बहुसंख्यक समुदाय का पक्ष लेता हूं। अब तो यह ईसाइयों बनाम ईसाइयों की लड़ाई है। यूरोपीय संघ कहां गया?' उनके ये बयान राज्य में फिर से भड़की हिंसा के बीच आए हैं।

मणिपुर में हिंसा जारी

सोमवार को इंफाल ईस्ट-कांगपोकपी सीमा के पास एक जंगल में संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा किए गए हमले में तीन मैतेई ग्रामीणों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और तीन अन्य घायल हो गए। पीड़ित लोग नोंगशुम और खोंगबाल तंगखुल गांवों के पास जलाऊ लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ।

इन हत्याओं के बाद इंफाल में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए; प्रदर्शनकारी दो पीड़ितों के शव लेकर मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। बाद में सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

ये हत्याएं पहाड़ी जिलों में कुकी-ज़ो और नागा समूहों के बीच बढ़ते टकराव के बीच हुई हैं। पिछले आठ महीनों में दोनों पक्षों की ओर से 50 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है।

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