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'कांग्रेस ने 39 साल पहले शरिया के लिए रौंदा संविधान', भाजपा ने तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को लेकर कह दी ये बात

सुप्रीम कोर्ट ने आज फैसला सुनाया कि तलाकशुदा मुस्लिम महिला दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत अपने पति से गुजारा भत्ता मांग सकती है। वहीं इस फैसले को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोला है। भाजपा सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. सुधांशु त्रिवेदी ने इस मामले को लेकर कहा कि 39 साल पहले कांग्रेस सरकार ने शरिया के लिए संविधान को रौंदा था।

By Jagran News Edited By: Babli Kumari Wed, 10 Jul 2024 11:45 PM (IST)
तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्णय (फाइल फोटो)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को भी गुजारा भत्ता का अधिकार दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को बड़ी राहत और मानवीय संवेदनाओं वाला बताते हुए भाजपा ने कांग्रेस को भी आड़े हाथों लिया है। भाजपा सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता डा. सुधांशु त्रिवेदी ने शाह बानो केस याद दिलाते हुए कहा कि 39 साल पहले राजीव गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने शरिया के लिए संविधान को रौंदा था।

आज सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ने संविधान की रक्षा की है। भाजपा प्रवक्ता ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में कहा कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में और शपथ ग्रहण में जो लोग संविधान लेकर आए थे, उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय ने भारत के संविधान पर आए सबसे बड़े संकटों में से एक का उत्तर दिया है। उन्होंने कहा कि 1985 में संविधान पर बहुत बड़ा खतरा आया था, जब शाह बानो केस में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय एक गरीब मुस्लिम महिला को भत्ता देने के लिए आया था।

कांग्रेस सरकार ने संविधान के ऊपर शरिया को किया

तब उसे शरिया के विरुद्ध मानकर राजीव गांधी के नेतृत्व में चल रही तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को रौंदकर संविधान के ऊपर शरिया को कर दिया था। तब संविधान खतरे में था। यह हमें फिर याद दिलाता है कि जब-जब यह सत्ता में आए, अनेक बार संविधान को खतरे में डाला।

39 साल पहले संविधान लगे खतरे को किया समाप्त

आज सर्वोच्च न्यायालय ने 39 साल पहले संविधान पर स्थापित किए गए खतरे को समाप्त किया है। मुस्लिम महिलाओं के लिए बड़ी राहत और मानवीय संवेदनाओं का मार्ग प्रशस्त किया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिलने पर भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज 140 करोड़ देशवासियों के लिए गर्व और संतुष्टि की अनुभूति का अवसर है।

क्षुद्र स्वार्थ के आधार पर राजनीति करना उचित नहीं

वह भारत के इकलौते प्रधानमंत्री हैं, जिन्हें अनेक देशों जैसे फ्रांस, इजिप्ट, यूएई, सउदी अरब, फलस्तीन सहित 12-13 देशों ने सम्मान दिया है। मोदी एकमात्र राष्ट्राध्यक्ष हैं, जिन्हें दो बार अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने का अवसर मिला। उसके साथ ही रूस ने अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया। विश्व का कोई अन्य राष्ट्राध्यक्ष इस परिस्थिति में नहीं है। पीएम ने इसे 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान बताया है। वहीं, कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की टिप्पणियों को लेकर कहा कि विदेश नीति के संदर्भ में क्षुद्र स्वार्थ के आधार पर राजनीति करना उचित नहीं है।

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