यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फंस गए कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय, दर्ज हुआ एफआइआर
वाराणसी से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय पार्टी के पंजा निशान का बैच लगाकर मतदान करने और मतदान के लिए लाईन ...और पढ़ें

नई दिल्ली। वाराणसी से कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय पार्टी के पंजा निशान का बैच लगाकर मतदान करने और मतदान के लिए लाईन में लगे होने के दौरान टीवी चैनल के पत्रकार से बातचीत करने के मामले में फंस गए हैं। चुनाव आयोग के आदेश पर उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कर लिया गया है।
राय के खिलाफ सिगरा थाने में धारा-132 [लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम और आचार संहिता उल्लंघन] मामले में एफआइआर दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि मतदान के बाद बूथ पर पंजा निशान प्रदर्शन करने के मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश पर आइपीसी की धारा-171 के तहत सिगरा थाने की पुलिस ने कार्रवाई की।
उधर, अजय राय के पार्टी चिह्न वाला बैच लगाकर वोट डालने के तुरंत बाद विवाद शुरू हो गया। अजय राय के खिलाफ भाजपा ने आवाज बुलंद की तो उनके समर्थन में पार्टी ने बचाव भी किया। पार्टी के प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा है कि जब मोदी कमल का चिह्न लेकर मतदान करने पहुंचे, तब भाजपा ने कहा, इसमें कुछ गलत नहीं है लेकिन आज जब अजय राय ने ऐसा किया तो उसे गलत बता रहे हैं। भाजपा की यह दोहरी नीति नहीं चलने वाली। आप करें तो सही लेकिन कोई दूसरा करे तो गलत।
अजय राय ने भी कांग्रेस के चुनाव चिह्न के साथ मतदान करने पर सफाई देते हुए कहा कि मैंने कांग्रेस का चुनाव चिह्न सामान्य तौर पर लगाया था। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले नरेंद्र मोदी ने मतदान करने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करने के दौरान पार्टी का चुनाव चिह्न कमल को दिखाया था। इस पर कांग्रेस पार्टी की ओर से काफी हो हल्ला मचाया गया था। यही काम आज वाराणसी में अजय राय ने किया तो मामले को फिर उछाला गया। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने राय का बचाव किया है।
वाराणसी के एक अन्य प्रत्याशी आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल ने भी अजय राय के कदम को गलत बताया है। वाराणसी के रिटर्निग ऑफिसर प्रांजल यादव ने कहा कि मैने वीडियो देख इसकी सूचना विशेष चुनाव पर्यवेक्षक प्रवीण कुमार को दे दी है। उधर, प्रवीण कुमार ने कहा कि मामले की जांच पड़ताल के बाद मैने रिपोर्ट मुख्य चुनाव आयुक्त को भेज दी है।
