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यूपी कांग्रेस संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी, सपा से सीट बंटवारे को जल्द अंतिम रूप देंगे राहुल-अखिलेश

Published: Fri, 02 Oct 2026 08:01 PM (IST)

कांग्रेस हाईकमान ने उत्तर प्रदेश में सपा के साथ गठबंधन को अंतिम रूप देने के लिए अक्टूबर तक सीट बंटवारे ...और पढ़ें

सपा-कांग्रेस गठबंधन विधानसभा चुनाव के लिए तय।

सपा-कांग्रेस गठबंधन विधानसभा चुनाव के लिए तय।

HighLights

  1. सपा-कांग्रेस गठबंधन विधानसभा चुनाव के लिए तय।

  2. अक्टूबर तक सीट बंटवारे का समझौता करने का निर्देश।

  3. अराधना मिश्रा मोना बन सकती हैं यूपी कांग्रेस अध्यक्ष।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस हाईकमान ने उत्तरप्रदेश के अपने कुछ नेताओं को समाजवादी पार्टी और उसके नेतृत्व पर तल्ख टीका-टिप्पणी करने से परहेज करने का निर्देश देते हुए साफ कर दिया है कि विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस का गठबंधन तय है।

चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर किए प्रदेश नेताओं की ओर से रहे किए जा रहे दावों-प्रतिदावों के बीच दोनों दलों के में गठबंधन को सही ट्रैक पर रखने की अंदरूनी सहमति बन गई है और कांग्रेस ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से अक्टूबर महीने में ही सीट बंटवारे के समझौते को पूरा कर लेने के लिए कहा है।

सपा से तालमेल की इस पहल के बीच कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश में चुनाव के मद्देनजर अपने संगठन के पुनर्गठन की रूपरेखा भी लगभग तैयार कर ली है। इस क्रम में प्रदेश संगठन के नेतृत्व से लेकर जिला स्तर के संगठन में फेरबदल की तैयारी है।

संकेतों से साफ है कि कि उत्तरप्रदेश के मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए कांग्रेस ब्राहृमण चेहरे के तौर पर पार्टी विधायक दल की नेता अराधना मिश्रा मोना को अजय राय की जगह प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने की तैयारी है। सपा से चुनाव में सीटों के बंटवारे का समझौता करने से पहले उत्तरप्रदेश कांग्रेस के पुनर्गठन को पार्टी हाईकमान अंजाम दे देगा।

पार्टी सूत्रों के अनुसार उत्तरप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश संगठन में किए जाने वाले बदलाव और नामों पर शीर्ष नेतृत्व से चर्चा पूरी कर ली है।

वेणुगोपाल और गौतम ने सोमवार को ही लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी संग हुई बैठक में काफी मशक्कत के बाद जिला और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक बदलावों की सूची सौंप दी थी। जबकि प्रदेश नेतृत्व में बदलाव का निर्णय शीर्ष नेतृत्व अपने स्तर पर लेगा और संकेत हैं कि चंद दिनों में ही उत्तरप्रदेश कांग्रेस के संगठन तथा चुनावी टीमों की घोषणा कर दी जाएगी।

प्रदेश संगठन में बदलाव चुनाव के राजनीतिक-सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है और मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के काम या नेतृत्व पर कोई सवाल नहीं है।

पार्टी का आकलन है कि उत्तरप्रदेश में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली माने जाने वाला ब्राहृमण समुदाय इस समय भाजपा से काफी नाखुश है और ऐसे में अराधना मिश्रा को संगठन की कमान देकर कांग्रेस उन्हें साधने का बड़ा संदेश दे सकती है। प्रदेश में चुनावी गठबंधन के लिहाज से भी अराधना मुफीद विकल्प हैं क्योंकि सपा से उनका और उनके पिता प्रमोद तिवारी के सदैव बेहतर रिश्ते रहे हैं।

उत्तरप्रदेश के क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को साधने के लिए प्रदेश कांग्रेस में तीन-चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की भी तैयारी है। सपा से गठबंधन को अंतिम रूप देने के संबंध में कांग्रेस के उच्चदस्थ सूत्रों ने बताया कि अखिलेश यादव से हमने कहा है कि चुनावी तैयारियों में कोई कोताही न रहे इसलिए अक्टूबर में सीट बंटवारा समझौता हो जाना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस के नेताओं की 150 सीटों पर दावेदारी के संबंध में कहा कि प्रदेश नेताओं का अपना आकलन होता है मगर जमीनी आधार पर आपसी बातचीत से संख्या पर सहमति बन जाएगी।

उत्तरप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी सपा-कांग्रेस के बीच समझौते को लेकर आश्वस्त हैं और दोनों दलों के प्रदेश नेताओं की ओर किए जा रहे दावों के संबंध में पूछे जाने पर कहा कि हर पार्टी का अपना नजरिया होता है।

लेकिन इसमें संदेह नहीं कि राहुल गांधी तथा अखिलेश यादव के बीच उत्तरप्रदेश में मिलकर चुनाव लड़ने की पूर्ण सहमति है और ऐसे में सीट बंटवारा समझौता सम्मानजक होगा।

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