'तेलंगाना में अब्दुल के साथ क्या हुआ?', कांग्रेस ने ओवैसी से पूछे सवाल
यूपी चुनाव प्रचार में ओवैसी की मुस्लिम नेतृत्व की अपील पर तेलंगाना कांग्रेस ने पलटवार किया है।

तेलंगाना कांग्रेस ने ओवैसी पर सवाल उठाए।
HighLights
ओवैसी यूपी में मुसलमानों को नेतृत्व संभालने की सलाह दे रहे।
तेलंगाना कांग्रेस ने ओवैसी की दोहरी रणनीति पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने AIMIM के 2023 तेलंगाना चुनाव प्रदर्शन पर प्रश्न किया।
डिजिटल डेस्क, तेलंगाना। यूपी में चुनाव का प्रचार का करते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार मुसलमानों से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का विकल्प चुनने की अपील कर रहे हैं। इस बीच ओवैसी के गृह राज्य तेलंगाना से कांग्रेस ने उन पर पलटवार करते हुए तीखा हमला बोला है।
तेलंगाना कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया है कि ओवैसी यूपी में जिस राजनीतिक रणनीति और नेतृत्व की वकालत कर रहे हैं, उसे उन्होंने खुद अपने राज्य तेलंगाना में कभी लागू नहीं किया।
कांग्रेस ने ओवैसी के दावों पर किए सवाल
ओवैसी के हैदराबाद लोकसभा क्षेत्र के लिए कांग्रेस प्रभारी मोहम्मद वलीउल्लाह समीर ने ओवैसी के दावों और रणनीति पर सवाल खड़े किए।
PTI के मुताबिक समीर ने ओवैसी के बयानों का जिक्र करते हुए कहा, 'ओवैसी उत्तर प्रदेश में मुसलमानों से कह रहे हैं कि 'अब्दुल' को अब दूसरों के लिए कालीन नहीं बिछाना चाहिए, बल्कि खुद नेता बनना चाहिए। यह विचार ठीक है, लेकिन आजमगढ़ या रामपुर में यह सलाह देने से पहले ओवैसी को यह बताना चाहिए कि तेलंगाना में 'अब्दुल' का क्या हुआ? उसे हैदराबाद के कुछ चुनिंदा निर्वाचन क्षेत्रों से आगे बढ़ने का मौका क्यों नहीं दिया गया?'
समीर ने ओवैसी से सवाल किया कि तेलंगाना में अपने पारंपरिक गढ़ों के बाहर AIMIM ने कितने स्वतंत्र मुस्लिम नेताओं को तैयार किया है।
कांग्रेस नेता ने इस बात को स्वीकार किया कि मुसलमानों को निश्चित रूप से अधिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। उन्होंने पूछा कि असली सवाल यह है कि क्या ओवैसी ने उस प्रतिनिधित्व का विस्तार किया है या फिर एक सीमित भौगोलिक क्षेत्र में ही उस पर अपना एकाधिकारी जमाकर रख लिया है।
कांग्रेस नेता ने 2023 के तेलंगाना चुनाव का हवाला दिया
समीर ने 2023 के चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव में AIMIM ने कुल 119 सीटों में से केवल 9 सीटों पर चुनाव लड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि बाकि 110 सीटों पर ओवैसी की पार्टी ने परोक्ष रूप से भारत राष्ट्र समिति (BRS) का समर्थन किया।
कांग्रेस नेता ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा, 'अगर ओवैसी सच में यह मानते हैं कि बड़ी पार्टियां मुस्लिम युवाओं को मंच नहीं दे रही हैं, तो फिर 2023 के चुनावों में AIMIM ने खुद 110 सीटों को 'अछूता' क्यों छोड़ दिया? क्या उन इलाकों में कोई भी काबिल मुस्लिम वकील, डॉक्टर, उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं या पढ़े-लिखे युवा नहीं थे जिन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाती?'
