यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कांग्रेस नेता अजय कुमार ने राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को लेकर दिया विवादित बयान, भाजपा ने किया पलटवार
भाजपा की राष्ट्रपति उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर कांग्रेस नेता अजय कुमार ने एक विवादित बयान दिया है। कांग्रेस नेता अजय ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस नेता अजय कुमार ने एक विवादित बयान दिया है। बयान में कहा गया है कि एनडीए के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू 'भारत के बहुत बुरे दर्शन' का प्रतिनिधित्व करती हैं और उन्हें 'आदिवासी का प्रतीक' नहीं बनाया जाना चाहिए। इस टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को एएनआइ से बात करते हुए, कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अनुसूचित जातियों की स्थिति 'बदतर' हो गई है।
कांग्रेस नेता अजय कुमार ने कहा- 'यशवंत सिन्हा बहुत अच्छे प्रत्याशी हैं। द्रौपदी मुर्मू का स्वभाव भी बहुत शालीन है, लेकिन वे भारत की 'ईविल फिलॉसफी'(बुराई की विचारधारा) का प्रतिनिधित्व करती हैं। हमें द्रौपदी मुर्मू को आदिवासी प्रतीक नहीं बनाना चाहिए। अनुसूचित जाति की स्थिति बदतर हो गई है।
#WATCH | Yashwant Sinha is good candidate, Droupadi Murmu is a decent person but she represents evil philosophy of India. We shouldn't make her symbol of tribals...Ram Nath Kovind is President but atrocities happening on SCs. Modi govt's fooling people: Congress leader Ajoy Kumar pic.twitter.com/E2vFyTT0aP
— ANI (@ANI) July 13, 2022
राष्ट्रपति चुनाव को 'राष्ट्र की आत्मा के लिए लड़ाई' बताते हुए, कांग्रेस नेता ने कहा कि सभी समान विचारधारा वाले दलों को विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को वोट देना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'प्रतीक बनाना और भारत के लोगों को बेवकूफ बनाना ही मोदी सरकार है। यह देश की आत्मा की लड़ाई है और सभी समान विचारधारा वाले दलों को यशवंत सिन्हा को वोट देना चाहिए।'
कुमार पर पलटवार करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने मुर्मू का अपमान किया है।
निर्वाचित होने पर द्रौपदी मुर्मू भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। वह झारखंड की पहली महिला राज्यपाल थीं (2015 से 2021 तक)। ओडिशा के पिछड़े जिले मयूरभंज के एक गरीब आदिवासी परिवार में जन्मी मुर्मू ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई पूरी की। द्रौपदी मुर्मू 2013 से 2015 तक भाजपा के एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य थीं और 2010 और 2013 में मयूरभंज (पश्चिम) के भाजपा जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया। 2006 और 2009 के बीच, वह ओडिशा में भाजपा के एसटी मोर्चा की प्रमुख थीं। वह 2002 से 2009 तक भाजपा एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य रहीं।
कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को मुर्मू के खिलाफ 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए मैदान में उतारा है।
