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विजय कैबिनेट में शामिल होगी कांग्रेस, 59 साल बाद तमिलनाडु की सत्ता में बनेगी भागीदार

By Sanjay MishraEdited By: Deepak Gupta
Published: Wed, 20 May 2026 08:08 PM (IST)Updated: Wed, 20 May 2026 10:59 PM (IST)

कांग्रेस करीब छह दशक बाद तमिलनाडु की सत्ता में भागीदार बनने जा रही है, जहां उसके दो विधायक मुख्यमंत्री विजय ...और पढ़ें

विजय कैबिनेट में शामिल होगी कांग्रेस।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन भले ही कमजोर रहा हो मगर करीब छह दशक के लंबे अंतराल के बाद पार्टी राज्य में सत्ता की भागीदार बनने जा रही है। कांग्रेस के दो विधायक गुरूवार को मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार में बतौर कैबिनेट मंत्री शपथ लेंगे।

विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली द्रमुक संग गठबंधन में उतरी कांग्रेस ने बहुमत से पीछे रहे विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह बनाने में अहम भूमिका निभाई। द्रविड राजनीति के वर्चस्व वाले तमिलनाडु में कांग्रेस के दो सदस्यों का मंत्री बनना इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि वस्तुत: छह दशक बाद कोई राष्ट्रीय पार्टी राज्य की सत्ता में भागीदारी बन रही है।

कांग्रेस के दो विधायक बनेंगे मंत्री

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राज्य में पार्टी के दो विधायकों के मंत्री बनने की जानकारी एक्स पोस्ट पर साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विधायक एडवोकेट राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल करने की मंजूरी दे दी है और गुरूवार को दोनों मंत्री पद की शपथ लेंगे।

59 साल बाद तमिलनाडु की सत्ता में बनेगी भागीदार

तमिलनाडु की सत्ता-सियासत में पार्टी के लिए यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि दो दशक तक द्रमुक संग गठबंधन में होने के बाद भी उसने कांग्रेस को कभी सत्ता में भागीदारी नहीं दी। वेणुगोपाल ने भी माना कि यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक अवसर है क्योंकि 59 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस तमिलनाडु कैबिनेट में शामिल हो रही है।

कांग्रेस कोटे से शामिल हो रहे दोनों मंत्रियों को शुभकमानाएं देते हुए यह भी कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि वे तमिलनाडु की जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करेंगे। साथ ही लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा निर्धारित कल्याणकारी और जन-हितैषी शासन के साहसी दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में काम करेंगे।

विजय की सरकार को कांग्रेस का समर्थन

मालूम हो कि विधानसभा चुनाव में 108 सीटों के साथ टीवीके के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद बहुमत से पीछे रहे विजय के मुख्यमंत्री बनने की राह बनाने में राहुल गांधी की अहम भूमिका रही क्योंकि नतीजे के अगले ही दिन उनकी पहल पर कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के समर्थन का एलान कर टीवीके के पक्ष में विधायकों की संख्या 113 पहुंचा दी जिसके बाद धीरे-धीरे अन्य छोटे दलों के नए गठबंधन में आने की राह बनी।

द्रमुक संग पुराने गठबंधन को छोड़ कर तत्काल विजय को समर्थन देने के कांग्रेस के एलान ने स्टालिन को भी हतप्रभ किया और उन्होंने इसकी खूब आलोचना भी की। वैसे तमिलनाडु के चुनाव से पहले ही राज्य कांग्रेस का एक वर्ग विजय की पार्टी से गठबंधन की जमकर पैरोकारी कर रहा था मगर हाईकमान ने यह जोखिम नहीं लिया, लेकिन चुनाव नतीजों ने पार्टी को राज्य की राजनीति में नए विकल्प के रास्ते पर चलने का मौका दे दिया है।

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