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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आर-पार के मूड में कांग्रेस, रामलीला मैदान में 1 नवंबर को महारैली की तैयारी

Published: Sun, 18 Oct 2026 10:10 PM (IST)

कांग्रेस चुनाव आयोग के सदस्य ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'वोट बचाओ, देश बचाओ' आंदोलन को संगठनात्मक मजबूती दे रही है।

कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा

कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा

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संजय मिश्र, नई दिल्ली। कांग्रेस चुनाव आयोग के विवादित एसआइआर के खिलाफ चल रहे विरोध आंदोलन को अपने संगठन को जगाने और उसकी ताकत बढ़ाने का जरिया भी बनाती दिख रही है।

सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के शुरू हुए अपने आंदोलन 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के कार्यानवयन और जमीनी निगरानी के लिए पार्टी द्वारा 200 से अधिक एआइसीसी पर्यवेक्षकों को तैनात करने का फैसला इसका साफ संकेत है।

इस कदम से यह भी साफ है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी 'वोट चोरी' के अपने दावे को लोगों के बीच ले जाने के लिए कांग्रेस अपने नेताओं और संगठन की सक्रिय भागीदारी जरूरी मान रही है।

कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन को गति दी

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राजधानी दिल्ली से लेकर राज्यों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में कांग्रेस नेताओं की सक्रियता और भागीदारी की पार्टी हाईकमान अपने स्तर पर रखी सीधी मानटिरिंग इसी ओर इशारा कर रहे हैं।

एसआइआर तथा सीईसी के विरूद्ध पार्टी का आंदोलन इस लिहाज से भी अहम है कि राजधानी दिल्ली में एक नवंबर को रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ अपनी बड़ी रैली में कांग्रेस के लिए भीड़ जुटाने की भी चुनौती है।

इस रैली में आइएनडीआइए गठबंधन के प्रमुख नेताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा और पार्टी बड़ी संख्या में तमाम राज्यों से उन लोगों को भी जुटाने का प्रयास करेगी जिनके नाम एसआईआर प्रक्रिया के दौरान वोटर लिस्ट से काटे गए हैं।

पार्टी सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी के नेतृत्व में बीते हफ्ते ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च से बने राजनीतिक मोमेंटम को कांग्रेस नेतृत्व शिथिल नहीं होने देना चाहता।

इसीलिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी नेताओं के लिए राहुल गांधी की बुलाई चाय बैठक के अगले दिन पार्टी के प्रमुख नेतओं से इस मार्च की सफलता और आगे की रणनीति पर मंत्रणा की।

इस बैठक में राहुल गांधी भी मौजूद थे। इसमें वोट बचाओ, देश बचाओ आंदोलन की शीर्ष स्तर पर निगरानी ही नहीं जमीन पर कारगर बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

रामलीला मैदान में 1 नवंबर को विशाल रैली की योजना

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसके बाद ही अभियान के समन्वय, पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए 208 पार्टी नेताओं को एआइसीसी पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने की घोषणा की।

कांग्रेस का राज्यों में पर्यवेक्षकों की इस बड़ी संख्या में तैनाती का लक्ष्य एसआइआर-ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन की गूंज को जमीन तक ले जाकर इसका विस्तार करना है।

इसीलिए अधीर रंजन चौधरी, पृथ्वी राज चौहान, अविनशन पांडे, राजीव शुक्ला, नाना पटोले, डा अजय कुमार, अजय कुमार लल्लू से लेकर लगभग सभी राज्यों के कई वरिष्ठ नेताओं को भी पर्यवेक्षक बनाया गया है।

पर्यवेक्षकों को जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन को प्रभावी तरीके से कार्यान्वित करने के साथ ही प्रदेश नेताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का जिम्मा दिया गया है।

जाहिर तौर पर पर्यवेक्षक इसके बाद अपने-अपने प्रभार वाले राज्यों-जिलों में आंदोलन और नेताओं की भागीदारी की रिपोर्ट भी हाईकमान को सौंपेंगे।

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