तिरुअनंतपुरम, आइएएनएस। केरल के बहुचर्चित गोल्ड स्मगलिंग मामले में अब एक और नया नाम सामने आया है जिसका कथित तौर पर शीर्ष राजनेताओं से लिंक है। लोकसभा के कांग्रेस सदस्य और पार्टी के कंवेनर बेहनान ने मंगलवार को जानकारी दी । उन्होंने अलाफुजा के युवा बिजनेसमैन किरन का नाम लिया जिसने इस माह के शुरुआत में स्वपना और संदीप नायर को केरल से फरार होने में मदद की और सड़क मार्ग से बेंगलुरु तक ले गया।

बेहनान ने बताया, 'किरन के सत्ता में मौजूद शीर्ष नेताओं से संपर्क है। बीते दिनों उसके घर पर ऐसे हाईप्रोफाइल लोगों का उठना बैठना था। जांच में इस बात का खुलासा हो जाएगा।' भाजपा ने गोल्ड स्मगलिंग केस में आरोपियों का किरन द्वारा साथ दिए जाने पर भी सवाल उठाया। दूसरी ओर किरन ने सफाई दी और मीडिया के सामने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को आधारहीन बताया और कहा कि मौजूदा विवाद में उसकी कोई भूमिका नहीं है। 

इस बीच कोच्चि में  NIA अदालत ने मंगलवार को  स्वप्ना और संदीप की हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी क्योंकि एनआईए की जांच टीम ने कहा है कि उन्हें पूछताछ और सबूत जुटाने के लिए और समय चाहिए।  गोल्ड स्मगलिंग का यह मामला पहली बार 5 जुलाई को सामने आया जब यूएई कंसुलेट के पूर्व कर्मचारी पीएस सरित (PS Sarith) को कस्टम डिपार्टमेंट ने गिरफ्तार कर लिया जब वह दुबई से 30 किलोग्राम सोना तिरुअनंतपुरम ला रहा था।  इसके बाद मामले में  राज्य के आइटी डिपार्टमेंट व  कंसुलेट की पूर्व कर्मचारी स्वपना का नाम सामने आया।  मंगलवार को सरित को NIA टीम कोच्चि से तिरुअनंतपुरम लेकर आई और उन सभी जगहों पर लेकर गई जहां स्मगलिंग गैंग की मुलाकात हुई। 

सरित की गिरफ्तारी के बाद दूतावास की पूर्व कर्मचारी व राज्य सरकार के आइटी विभाग के तत्कालीन कर्मचारी स्वप्ना सुरेश का नाम आया था। स्वप्ना से संबंधों की चर्चा के बाद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रधान सचिव व आइटी विभाग के सचिव एम. शिवशंकर को दोनों पदों से हटाते हुए बाद में निलंबित कर दिया गया था। मामले में सरित, स्वप्ना व संदीप समेत आधा दर्जन से ज्यादा आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यूएई में रह रहे फैजल को भी हिरासत में ले लिया गया है।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021