कॉलेज छात्रा ने TVK कार्यकर्ता पर यौन उत्पीड़न का लगाया आरोप, फिर अपने बयान से पलटी
कन्याकुमारी में एक कॉलेज छात्रा ने टीवीके पदाधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया, लेकिन एक दिन बाद शिकायत वापस ले ली।

टीवीके कार्यकर्ता पर लगा यौन उत्पीड़न का आरोप।
HighLights
कॉलेज छात्रा ने टीवीके पदाधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।
पीड़िता ने एक दिन बाद अपनी शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया।
विपक्षी दलों ने सत्ताधारी दल पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में एक कॉलेज छात्रा ने सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक पदाधिकारी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। अब एक दिन बाद उसने अपनी शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया और आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने को कहा। मामले में डराए-धमकाए जाने के आरोप लग रहे हैं।
आरोप है कि गुरुवार को पीड़िता और उसकी कॉलेज की सहेली भारी बारिश के बीच बस का इंतजार कर रही थीं तभी क्रिस्टोफर नाम के आरोपी ने अपनी कार रोकी और उन्हें लिफ्ट देने की पेशकश की। वह उस सहेली को जानता था। सहेली के पहले उतर जाने के बाद आरोपी ने पीड़िता को उसके घर तक छोड़ने की पेशकश की।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस ने बताया कि सफर के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पीड़िता के साथ बदसलूकी की और यौन उत्पीड़न किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "हमने तुरंत यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की और पीड़िता ने अपनी शिकायत में जो कुछ भी कहा था, उसे रिकॉर्ड कर लिया।" पुलिस ने पुष्टि की कि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच चल रही है।
शिकायत के एक दिन बाद बयान से पलटी पीड़िता
हालांकि, एक दिन बाद मामले ने तब एक नया मोड़ ले लिया जब पीड़िता ने लिखित अनुरोध देकर अपनी शिकायत वापस लेने की मांग की और कहा कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
इस घटनाक्रम के बाद ऐसे आरोप लगे हैं कि सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों ने पैसे, ताकत और डराने-धमकाने का इस्तेमाल करके पीड़िता को प्रभावित किया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई को रोका। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामले पर राजनीति
इस मामले के बाद टीवीके के खिलाफ राजनीतिक प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने मुख्यमंत्री विजय से सवाल किया कि वह अपनी पार्टी के पदाधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके अपराधियों और यौन अपराधियों का अड्डा बन गई है।
उन्होंने पीड़िता के लिए सुरक्षा और आरोपी के खिलाफ निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की भी मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार कार्रवाई करने में विफल रहती है तो डीएमके लोगों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन में शामिल होगी।
एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने भी सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा, "हाल ही में बलात्कार और छेड़छाड़ के कई मामलों में टीवीके के पदाधिकारी शामिल पाए गए हैं। एक ही पार्टी से कानून बनाने वाले और कानून तोड़ने वाले, दोनों का आना चिंताजनक है।"
टीवीके के नेताओं ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, पार्टी के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "कानून अपना काम जरूर करेगा। अगर पीड़िता केस वापस लेना चाहती है तो हमें इस पर कुछ नहीं कहना है। पार्टी आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और हमने पहले भी ऐसा किया है।"
