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'बिट्टू तबाही ने नहीं, बाढ़ के पानी से साफ हुई नदी, बेहद गंदी 'अजनार' की अकेले दम सफाई के दावे पर उठे सवाल

Published: Sun, 06 Sep 2026 05:57 AM (IST)Updated: Sun, 06 Sep 2026 07:01 AM (IST)

बिट्टू ने इंस्टाग्राम पर नदी की सफाई करते हुए कुछ वीडियो और पहले और वर्तमान की तस्वीरें साझा की हैं। ...और पढ़ें

बेहद गंदी अजनार की "अकेले दम" सफाई के दावे पर सवाल

बेहद गंदी अजनार की "अकेले दम" सफाई के दावे पर सवाल

HighLights

  1. ब्यावरा के बिट्टू तबाही ने किया था दावा, इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ वीडियो

  2. अजनार बचाओ समिति के सदस्य ने कहा- बिना नालों का पानी रोके और सीवेज प्लांट लगाए नदी साफ करना मुश्किल

जेएनएन, राजगढ़। मध्य प्रदेश के ब्यावरा से गुजरी अजनार नदी पिछले चार दिनों से इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इसकी वजह हैरान करने वाला दावा है, जो ब्यावरा के छात्र सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू तबाही ने किया।

बिट्टू का कहना है कि उसने अकेले छह महीने की मेहनत से नदी को साफ कर दिया है। बिट्टू की रील इंटरनेट मीडिया पर प्रशंसा पा रही है, लेकिन स्थानीय लोग और प्रशासन इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं।

बिट्टू ने इंस्टाग्राम पर नदी की सफाई करते हुए कुछ वीडियो और पहले और वर्तमान की तस्वीरें साझा की हैं। दावा किया है कि 26 जनवरी 2026 को उसने अजनार की सफाई का संकल्प लिया था।

अकेले नदी के तीन घाटों के पीछे से कचरा निकाला और स्कूटी पर रखकर नदी से करीब चार किलोमीटर दूर अरन्या गांव स्थित डंप साइड पर फेंका।

स्थानीय लोगों ने दावे को झुठलाते हुए कहा कि बिट्टू कभी-कभी कचरा निकालता रहा है, लेकिन इससे नदी का कोई हिस्सा साफ नहीं हुआ। बाढ़ के पानी की वजह से नदी साफ दिख रही है।

स्थानीय निवासी कल्याण सिंह तोमर का कहना है कि अजनार नदी काफी गंदी है, इसे साफ करवाने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए।

मालूम हो कि अजनार नदी राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ के ऊंचे पठार से निकलकर करीब 52 किमी मध्य प्रदेश में बहती है और फिर राजस्थान में प्रवेश करती है। इसकी सफाई के लिए अजनार बचाओ संगठन ने भी अभियान चलाया था।

स्थानीय लोगों का मानना है कि नदी इतनी गंदी है कि इसे संगठनों के माध्यम से साफ करना संभव नहीं है।

अजनार बचाओ समिति के सदस्य रामभील ने कहा कि जब तक सरकार गंदे नालों को नदी में मिलने से नहीं रोकेगी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं बनाएगी, तब तक नदी को साफ करना संभव नहीं है।

अजनार बचाओ समिति द्वारा कुछ प्रयास किए गए थे, लेकिन नदी में इतनी गंदगी है कि साफ करना संभव नहीं हो सका।

उन्होंने बताया कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 14.77 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिससे गंदे नालों का निस्तारण किया जाएगा। इंटरनेट मीडिया पर जो लोग नदी साफ करने का दावा कर रहे हैं, वह पूरी तरह फर्जी है। -इकरार अहमद, सीएमओ नपा ब्यावरा