विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'कोई भी प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छूटेगा', CJP का दावा; बातचीत के बाद केंद्र ने दिया No FIR का भरोसा

Published: Tue, 28 Jul 2026 11:08 AM (IST)

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने बिहार और असम में NEET-UG प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ...और पढ़ें

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास (बाएं) और आशुतोष रांका। (फोटो- पीटीआई।)

सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास (बाएं) और आशुतोष रांका। (फोटो- पीटीआई।)

HighLights

  1. केंद्र ने NEET-UG प्रदर्शनकारियों पर FIR वापसी का भरोसा दिया।

  2. बिहार और असम सरकारों ने ड्राफ्ट नोटिफिकेशन साझा किए।

  3. CJP का दावा, अन्य BJP/NDA राज्यों में भी मिलेगी गारंटी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार सुबह दावा किया कि केंद्र के प्रतिनिधियों ने बिहार और असम सरकारों द्वारा जारी ड्राफ्ट नोटिफिकेशन शेयर किए हैं। इन नोटिफिकेशन में एफआईआर वापस लेने, नीट-यूजी विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और भविष्य में किसी भी कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा का भरोसा दिया गया है।

सीजेपी ने यह भी दावा किया कि सरकार ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे अन्य बीजेपी/एनडीए राज्यों में भी गारंटी-नोटिफिकेशन जारी करेंगे।

'दो-तीन घंटे चली बैठक'

एक्स पर पोस्ट में सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "हमारी पीसी के कुछ घंटों बाद सरकार के प्रतिनिधियों ने हमसे मुलाकात की। यह बैठक 2-3 घंटे तक चली। उन्होंने बिहार और असम के उन नोटिफिकेशन्स की कॉपी शेयर कीं जिनमें एफआईआर वापस लेने, भविष्य में कोई कार्रवाई न करने और सभी हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार लोगों को रिहा करने की गारंटी दी गई है।"

'किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा'

उन्होंने आगे कहा, "उन्होंने केंद्र सरकार और अन्य बीजेपी/एनडीए राज्यों द्वारा कल तक गारंटी नोटिफिकेशन जारी करने के अपने वादे को दोहराया है। उम्मीद है कि तय की गई भाषा का ही इस्तेमाल किया जाएगा। किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सब इसमें साथ हैं!"

इससे पहले दिन में दास ने एक्स पर असम सरकार का आदेश भी शेयर किया था, जिसमें कहा गया था, "इसके बाद असम सरकार ने सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई, भविष्य में कोई एफआईआर या कार्रवाई न करने और मौजूदा सभी एफआईआर वापस लेने की गारंटी दी है।"

एक और पोस्ट में उन्होंने कहा, "बिहार और असम में नोटिफिकेशन जारी होने के बाद हमें भरोसा दिलाया गया है कि राजस्थान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और न ही की जाएगी। हम लगातार कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी/एनडीए वाले बाकी सभी राज्य भी प्रदर्शनकारियों के हित में जरूरी भाषा में नोटिफिकेशन जारी करें। हम किसी भी युवा को इस लड़ाई में अकेला नहीं छोड़ेंगे!"

असम में पांच मामले किए गए थे दर्ज

असम सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि वह नीट-यूजी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ शुरू किए गए आपराधिक मामलों और अन्य कानूनी कार्यवाहियों को वापस ले लेगी। राज्य के गृह और राजनीतिक विभाग के एक बयान के अनुसार, प्रदर्शनों के सिलसिले में पांच मामले दर्ज किए गए थे, जिसके चलते 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

सरकार ने कहा कि मामले की समीक्षा के बाद उसने 26 जुलाई, 2026 को शाम 6 बजे से पहले दर्ज प्रदर्शन से जुड़े मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कोई भी प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई न करने का फैसला किया है। इसमें यह भी कहा गया कि जांच या ट्रायल के किसी भी चरण में होने के बावजूद ऐसे सभी मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया कानून के अनुसार शुरू की जाएगी।

बयान में आगे कहा गया कि अधिकारी गिरफ्तारियों की समीक्षा में तेजी लाएंगे और दर्ज मामलों के सिलसिले में हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई सुनिश्चित करेंगे। इसमें यह भी जोड़ा गया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और मामले को बंद माना जाएगा।

यह भी पढ़ें: केंद्र ने दिया था धर्मेंद्र प्रधान का मंत्रालय बदलने का प्रस्ताव, इस्तीफे पर अड़ी रही CJP; रिपोर्ट में दावा

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।