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जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतें करने वाले बिल्डर्स को SC की फटकार, CBI जांच का दिया आदेश

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:52 AM (IST)

सुप्रीम कोर्ट में जजों और वकीलों के खिलाफ गुमनाम शिकायतों पर CJI सूर्यकांत ने बिल्डरों को कड़ी फटकार लगाई।

सुप्रीम कोर्ट ने जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतों पर बिल्डर्स को लगाई फटकार (फोटो-पीटीआई)

सुप्रीम कोर्ट ने जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतों पर बिल्डर्स को लगाई फटकार (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. CJI सूर्यकांत ने जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतों पर बिल्डरों को फटकारा।

  2. सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश देने की चेतावनी दी।

  3. बिल्डरों द्वारा सबवेंशन स्कीम के दुरुपयोग पर CBI जांच जारी है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में जजों एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) और वकीलों के खिलाफ मिली बड़ी संख्या में गुमनाम शिकायतें की गईं। चीफ जस्टिस ने इन शिकायतों को बड़ी गंभीरता से लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने कई रियल एस्टेट कंपनियों और बिल्डरों पर सबवेंशन स्कीम का गलत इस्तेमाल करने, घर खरीदारों को धोखा देने, प्रोजेक्ट में देरी करने और निवेश किया गया पैसा वापस करने से इनकार करने के लिए सख्ती बरती, इसके बाद ही ये मामला सामने आया है।

बिल्डरों के खिलाफ जांच शुरू होने के बाद से ही जजों के खिलाफ गुमनाम शिकायतें आने लगीं। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों को फटकार लगाई।

CJI ने बिल्डरों को लगाई फटकार

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा, 'हम इन शिकायतों की CBI जांच का आदेश देंगे ताकि पता चल सके कि इनके पीछे कौन है।'

CJI सूर्यकांत ने पूछा, 'इन मामलों में बिल्डरों का प्रतिनिधित्व कौन से वकील कर रहे हैं? आप (बिल्डर) हमें गुमनाम शिकायतें भेजने लगे हैं? आप लोग नहीं जानते कि हम कितने सख्त लोग हैं।'

भाटी की ओर मुड़ते हुए CJI ने कहा, 'अगली सुनवाई की तारीख पर हम आपको शिकायतों का एक और सेट देंगे। आप उनकी जांच करें और पता लगाएं कि इन्हें लिखने के लिए कौन जिम्मेदार है। हमारा मानना है कि इनमें से ज्यादातर बिल्डर होंगे और निश्चित रूप से कुछ वकील भी होंगे जिन्होंने उन्हें गलत सलाह दी होगी।'

बेंच ने कहा, 'हम उन्हें पकड़ लेंगे। क्या आपको लगता है कि हम इससे डर जाएंगे? हम CBI को FIR दर्ज करने और उनकी जांच करने का निर्देश देंगे। हम इसे तार्किक नतीजे तक पहुंचाएंगे।'

एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट के सामने उन बिल्डरों की जांच पर CBI की स्टेटस रिपोर्ट सौंपी, जिन्होंने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सबवेंशन स्कीम का गलत इस्तेमाल किया था।

इसके कारण घर खरीदारों को दशकों तक इंतजार करने के बाद भी अपने सपनों का घर मिलने की कोई उम्मीद नहीं बची, फिर भी उन्हें EMI भरनी पड़ रही थी।

क्या है मामला?

अप्रैल 2025 में, सुप्रीम कोर्ट ने बिल्डरों और बैंकों के जरिए हो रहे सबवेंशन एग्रीमेंट के गलत इस्तेमाल की CBI जांच का आदेश दिया था।

भाटी ने पिछली सुनवाई में कोर्ट को जांच के बारे में बताते हुए कहा था कि CBI ने 50 FIR दर्ज की हैं और उनमें से 18 की जांच पूरी कर ली है, साथ ही सक्षम अदालतों में 17 चार्जशीट और एक क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है।

भाटी ने कहा कि कई बैंक अधिकारी बिल्डरों के साथ मिलीभगत में पाए गए और उन्हें चार्जशीट में आरोपियों के तौर पर नामजद किया गया है, और एजेंसी ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के प्रविधान लागू किए हैं।

CBI ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, HDFC बैंक और ICICI बैंक से बैंक अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी है।

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