जबलपुर, जेएनएन। देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआइ) शरद अरविंद बोबडे ने कहा है कि देश की अदालतों में अभी आम दिनों की तरह सुनवाई संभव नहीं है। इस सिलसिले में मेडिकल बोर्ड व चिकित्सा विशेषज्ञों की ठोस सलाह मिलने के बाद ही विचार संभव है। वह शनिवार दोपहर नई दिल्ली से जबलपुर पहुंचे थे।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से सौजन्य भेंट के दौरान उन्होंने साफ किया कि कोरोना के खतरे की वजह से महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) के जरिये ही होगी। उन्होंने कहा कि मैं भी मानता हूं कि अदालतें खुलनी चाहिए। ऐसा इसलिए भी, क्योंकि विगत छह माह से जबलपुर सहित देशभर के वकीलों को हो रही तकलीफ से मुझे भी दुख है।

मुख्‍य न्‍यायाधीश ने कहा कि इसके लिए व्यक्तिगत रूप से क्षमाप्रार्थी भी हूं, लेकिन कोरोना के खतरे के बीच अदालतें खुलने से ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों की जान की सुरक्षा है। अलबत्ता, मेडिकल बोर्ड और मौसम विज्ञानी सहित अन्य विशेषज्ञ हामी भरते हैं तो चरणबद्ध तरीके से अदालतें आम दिनों की तरह खोलीं जा सकती हैं।

बोबडे ने बार के पदाधिकारियों के समक्ष वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अपने-अपने राज्य में कोरोना संकट की स्थिति का गंभीरता से अवलोकन कर रहे हैं। बार के पदाधिकारियों से उनकी मुलाकात मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव के निवास पर हुई।

मुख्‍य न्‍यायाधीश ने कहा कि जबलपुर मेरे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है, क्योंकि इसी में मैं मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश पदस्थ रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त हुआ था। यहां से मिली दुआओं का ही असर है कि वर्तमान में देश के मुख्य न्यायाधीश के पद की जिम्मेदारी संभाल रहा हूं। बोबडे शाम को जबलपुर में नर्मदा महाआरती में शामिल हुए। वह रविवार को मंडला में कान्हा टाइगर रिजर्व जाएंगे। रविवार को ही वे नागपुर के लिए रवाना हो जाएंगे।

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