चेन्‍नई, एजेंसी। चेन्‍नई में जल संकट गहराता जा रहा है। हालत यह हो गई है कि यहां रहने वाले अधिकांश लोग अपने रिश्‍तेदारों के घर जाना मुनासिब समझ रहे हैं। वहीं कुछ शहर के दूसरे हिस्‍से में घर बदलकर रहने आ गए हैं जहां पानी की सप्‍लाई बेहतर है। बता दें कि चेन्‍नई में पेयजल सप्‍लाई करने वाले चारों जलस्रोत खाली होने के करीब है।

कोडांबक्‍कम में लंबे समय से रह रहे 50 वर्षीय अशोक कुमार को केके नगर जाना पड़ा। उन्‍होंने कहा, ‘हमें दिन में केवल तीन घंटे ही पानी मिलता है। हमें इससे कठिनाई हो रही है क्‍योंकि कभी उस वक्‍त हम बाहर भी रहते हैं।’

2017 में बारिश और 2018 में मानसून में कमी ने भूमिगत जल का स्‍तर कम कर दिया। इससे शहर में भारी जल संकट हो गया है। इस माह के शुरुआत में राज्‍य सरकार ने चेन्‍नई व कांचीपुरम समेत 17 जिलों को सूखाग्रस्‍त घोषित कर दिया। पिछले साल उक्‍त जिलों में 19 से 59 फीसद ही बारिश हुई थी।

पेरुंगुडी निवासी एम एस श्रीकांत दो दिनों के लिए अपने रिश्‍तेदार के घर गए थे। फिर सप्‍ताहांत में बेंगलुरु में अपनी बहन के घर गए। अन्‍ना यूनिवर्सिटी में प्रोजेक्‍ट साइंटिस्‍ट श्रीकांत ने निराश हो बताया, ‘यह छुट्टियां नहीं, परिवार के साथ हमें यहां आना पड़ा क्‍योंकि पिछले दस दिनों से हमारे पास पानी नहीं।’

पिछले सप्‍ताह ही वापस आए श्रीकांत फिर से सोच में पड़े हैं कि अब वे कहां जाएंगे क्‍योंकि उन्‍हें पता चला है कि अभी भी हालात जस-की-तस बनी हुई है।

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Posted By: Monika Minal

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