नईदुनिया, दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिला अंतर्गत बचेली स्थिल सीआइएसएफ के कैंप से संदिग्ध परिस्थितियों में गायब एके-47 व 30 कारतूस एक जवान की ही निशानदेही पर बरामद कर लिए गए। जवान ने असलहा चोरी कर बिलासपुर जिले के सीपत में एक गड्ढे में छिपा दिए थे। जवान को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।

शुक्रवार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल(सीआइएसएफ) के कैंप से असलहा चोरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। यह असलहा गगोई नामक जवान को आवंटित किए गए थे। एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की प्रारंभिक जांच में ही किसी बाहरी व्यक्ति के कैंप में आने-जाने की आशंका खारिज हो गई थी। अलबत्ता, फुटेज में चार जवान सामान लेकर बाहर जाते नजर आए। ये जवान अवकाश पर जा रहे थे। इन जवानों से पूछताछ की गई।

कांस्टेबल पनीशरण के बैग की जब तलाशी ली गई तो उसमें गन का ऑयल और कपड़ा मिला। कपड़े में वजनी गन इंप्रेश मिले। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसने गन चुराने की बात स्वीकार कर ली। पहले उसने बताया कि वह गन बिलासपुर में एक ठेकेदार को बेच चुका है।

कड़ाई बरती गई तो बिलासपुर के सीपत में झाडि़यों के बीच गड्ढे में गन छिपाकर रखने की बात बताई। उसे लेकर पुलिस सीपत पहुंची और हथियार व कारतूस बरामद कर लिये। आरोपी जवान ने यह भी बताया कि वह इस गन को लेकर तमिलनाडु जाना चाहता था, जहां कुछ लोगों से उसकी पारिवारिक दुश्मनी है। वह उनकी हत्या करना चाहता था, क्योंकि उनकी वजह से उसे जेल भी हुई थी।

आरोपित बीएसएफ से हो चुका है बर्खास्त

एसपी ने बताया कि आरोपित जवान के रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वर्ष 2011 में नियम विरुद्ध कार्यशैली की वजह से उसे बीएसएफ से नौकरी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उसने इस बात को छिपाते हुए वर्ष 2012 में सीआइएसएफ में नौकरी ज्वाइन कर ली। उसके फोन रिकार्ड में कई महिलाओं और लड़कियों से बातचीत का ब्योरा भी मिला है। उसके नाम से कई बैंक खाते हैं और आय से कहीं अधिक खर्च का रिकॉर्ड मिला है।

पारिवारिक दुश्मनी में करना चाहता था हत्या

इसके बाद जब और ज्यादा पूछताछ हुई तो उसने बताया कि बिलासपुर में एनटीपीसी सीपत के अहाते के बाहर घनी झाड़ियों में उसने गन छिपाई है। उसने बताया कि वह इस गन को लेकर तमिलनाडु जाना चाहता था। जहां कुछ लोगों से उसकी पारिवारिक दुश्मनी थी। वह उनकी हत्या करना चाहता था।

पहले बीएसएफ हो चुका है बर्खास्त

आरोपी जवान के सर्विस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि साल 2011 में नियम विरुद्ध कार्यशैली की वजह से उसे बीएसएफ से नौकरी से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उसने इस बात को छिपाते हुए साल 2012 में सीआईएसएफ में नौकरी ज्वाइन कर ली। उसके फोन खंगालने पर कई महिलाओं और लड़कियों से बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं। इसके साथ ही उसके नाम से कई बैंक खाते हैं और आय से कहीं अधिक खर्च का रिकॉर्ड मिला है।

Posted By: Bhupendra Singh