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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

LAC पर तीन जगहों पर चीनी और भारतीय सेना आमने-सामने, जानें किस अधिकारी ने संभाली कमान

By Krishna Bihari SinghEdited By:
Published: Sun, 24 May 2020 10:59 PM (IST)Updated: Mon, 25 May 2020 01:10 AM (IST)

पूर्वी लद्दाख में LAC पर तीन जगहों पर चीनी सैनिक और भारतीय सेना के मुस्‍तैद जवान आमने-सामने हैं। जानें किस अधिकारी ने संभाली है इस टकराव की कमान...

LAC पर तीन जगहों पर चीनी और भारतीय सेना आमने-सामने, जानें किस अधिकारी ने संभाली कमान
LAC पर तीन जगहों पर चीनी और भारतीय सेना आमने-सामने, जानें किस अधिकारी ने संभाली कमान

जम्मू, जेएनएन। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर चीन के साथ तनातनी का माहौल बना हुआ है। सेना के वरिष्‍ठ आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एलएसी पर तीन जगहों पर चीनी सैनिक और भारतीय सेना के मुस्‍तैद जवान आमने-सामने हैं। चीनी सैनिकों की बढ़ती संख्या देख भारतीय सेना भी सतर्क है और आर्मी कमांडर सीमा के हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। भारतीय सेना के जवान एलएसी पर चीनी सैनिकों के ठीक सामने महज 350 मीटर की दूरी पर मोर्चा संभाले हुए हैं। आइये जानते हैं किस भारतीय अधिकारी ने चीन के खिलाफ कमान संभाली है...

आखिर क्‍या चाहता है चीन

पूर्वी लद्दाख के दौलत बाग ओल्डी इलाके में कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी जिसका कोई भी निष्कर्ष नहीं निकला है। चीनी सेना के जमावड़े के बाद जवानों की संख्या बढ़ा चुकी भारतीय फौज की उत्तरी कमान तय रणनीति के तहत कभी भी पूर्वी लद्दाख में अतिरिक्त सैनिकों को भेजने में सक्षम है। सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर चीनी सैनिक तीन जगहों पर डेरा डाले हुए हैं। टेंट लगाने के साथ ही चीनी सैनिकों ने वहां पर निगरानी यंत्र स्थापित किए हैं। इनसे कुछ दूरी पर भारतीय सेना के जवान भी मोर्चा संभाले हुए हैं।

लद्दाख में मजबूत हुई भारतीय सेना

सेना से सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता ने बताया कि भारतीय फौज लद्दाख में काफी मजबूत हुई है। अब ऑल वेदर सड़क के जरिए सैनिकों को जल्द वास्तविक नियंत्रण रेखा तक ले जाया जा सकता है। दौलत बाग ओल्डी में वायुसेना के एडवांस लैंडिंग ग्राउंड बनने से भारतीय सेना की ताकत में कई गुना इजाफा हुआ है। गुप्‍ता ने बताया कि यही वजह है कि चीन बौखलाहट में पहले से अधिक शरारतें कर रहा है। भारतीय सेना अब पूर्वी लद्दाख में भी चीन प्रकार की शरारत का माकूल जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।

लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने संभाली कमान

रविवार को थलसेना अध्यक्ष जनरल एमएम नरवाने के दौरे से भी जवानों के हौसले और बुलंद हुए हैं। उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी पूर्वी लद्दाख के हालात पर पैनी नजर रख रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल जोशी लद्दाख में हाई अल्टीट्यूड वारफेयर में माहिर हैं। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही सेना की उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ बनने से पहले जनरल जोशी लद्दाख की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली सेना की 14 कोर के कोर कमांडर रह चुके हैं। कारगिल युद्ध के दौरान बहादुरी के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया था।

चीन ने 170 बार ली भारत के धैर्य की परीक्षा 

चीन ने इस साल लद्दाख में पहले से अधिक आक्रामक तेवर दिखाए हैं। अधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, साल के पहले चार महीनों में ही चीन ने 170 बार उकसाने वाली कार्रवाई की है। पिछले साल लद्दाख में पूरे साल में ऐसे 110 मामले हुए थे। हालांकि भारतीय सेना ने भी लद्दाख में होने वाली बॉर्डर पर्सनल बैठकों में लगातार ऐसी कार्रवाइयों पर कड़ी प्रतिक्रिया जताती रही है। इन तमाम कवायदों के बावजूद चीनी सेना हरकतों से बाज नहीं आ रही है। कल एजेंसियों की रिपोर्ट में कहा गया था कि बीते दो हफ्ते में ही चीन की फौज ने करीब 100 टेंट लगाए हैं। 

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