बीजिंग, एजेंसी। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन के नाथुला दर्रे का विगत शनिवार को पहली बार दौरा करने के बाद चीन ने फिर पैंतरा चला है। उसने सन् 1890 में ब्रिटेन और चीन के बीच हुई संधि के प्रावधानों का पालन करने की भारत से अपील की है।

ब्रिटेन से चीन की इस संधि के समय भारत ब्रिटेन के उपनिवेश था। इस तरह चीन ने एक प्राचीन संधि के जरिए सिक्किम के बड़े हिस्से पर अपना दावा ठोका है। सीतारमन के नाथुला क्षेत्र में जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय ने रविवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत-चीन सीमा पर स्थित सिक्किम को ऐतिहासिक सीमा से रेखांकित किया गया है। हमारी सच्चाई का यह सबसे अच्छा प्रमाण है। हम भारतीय पक्ष से इस तथ्य का सामना करने की अपील करते हैं। इस ऐतिहासिक सीमा संधि के प्रावधानों से बंधकर चीन के साथ सीमाओं पर शांति और समरसता कायम करने में मदद करें।

हालांकि चीनी मंत्रालय ने सीधे तौर पर ब्रिटेन-चीन संधि का नाम नहीं लिया, लेकिन इसी संधि का हवाला देकर चीन ने तिब्बत से लगे सिक्किम क्षेत्र को अपना क्षेत्र बताकर उसे ही अंतिम समझौता मानने को कहा है।

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Posted By: Tilak Raj

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