यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मसूद अजहर के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने की तैयारी में भारत: चीन
भारत के खिलाफ पाकिस्तान नापाक हरकतों को अंजाम दे रहा है, तो चीन नियम कानून की आड़ में पाकिस्तान का साथ दे रहा है।

नई दिल्ली(जेएनएन)। पीओके में भारतीय सेना द्वारा सफल सर्जिकल स्ट्राइक के बाद चीन की तरफ से सधी प्रतिक्रिया आयी। चीन द्वारा जैश सरगना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के भारतीय प्रयासों पर चीन ने अड़ंगा लगा दिया। इसके अलावा चीन ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी जानी चाहिए, लेकिन किसी देश को राजनीतिक फायदा नहीं उठाना चाहिए। चीन के उप विदेश मंत्री ली बाओदैंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को किसी देश को अपने फायदे के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
सीपीईसी की वजह से चीन मजबूर
जानकारों का कहना है कि भारत-अमेरिकी संबंधों और पाकिस्तान के साथ भारत के खटास होते रिश्तों से चीनी खेमें में हलचल है। चीन किसी भी कीमत पर चीन- पाक आर्थिक गलियारे में अपने निवेश को नुकसान होते नहीं देखना चाहता है। लिहाजा वो इस तरह के रुख को अपना रहा है। उड़ी हमले और सर्जिकल स्ट्राइक के बाद चीन ने अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में ये संदेश देने की कोशिश की वो आतंकवाद का विरोध करता है। लेकिन मसूद अजहर के प्रकरण से साफ हो गया है कि वो खुले तौर पर पाकिस्तान के साथ खड़ा है।
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मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने में चीन बना रोड़ा
शनिवार को चीन ने जैश सरगना मसूद अजहर को यूएन द्वारा आतंकी घोषित करने के मामले में तीन महीने के लिए तकनीकी तौर पर रोक लगा दी थी। चीन के उप विदेश मंत्री का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की 1267 समिति में सूचीबद्ध किये जाने वाले विषय का मकसद साफ होना चाहिए। हम एक आम सहमति बनाकर निष्पक्ष और पेशेवर ढंग से इन मुद्दों पर अपने विचार रख सकते हैं।
