'त्रिभाषा नीति पर सुझावों पर कर रहे काम', केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए सीबीएसई की त्रिभाषा नीति पर उसके सुझावों पर काम कर रही है।
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केंद्र सरकार सीबीएसई की त्रिभाषा नीति पर कर रही काम
HighLights
केंद्र सरकार सीबीएसई की त्रिभाषा नीति पर कर रही काम
सुप्रीम कोर्ट ने नीति के क्रियान्वयन पर जताई चिंता
नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वह नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए दो भारतीय भाषाओं समेत तीन भाषाएं पढ़ने की अनिवार्यता के संबंध में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की नीति लागू करने के बारे में उसके सुझावों पर काम कर रही है।
अतिरिक्त सालिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ को बताया कि सीबीएसई अलग-अलग तौर-तरीकों पर काम कर रहा है। उन्होंने इस सिलसिले में और समय मांगा। सुप्रीम कोर्ट ने भाटी की बात पर गौर करते हुए मामले की सुनवाई एक सप्ताह के लिए टाल दी।
शीर्ष अदालत ने 20 अगस्त को कहा था कि बच्चों पर दबाव नहीं पड़ना चाहिए। अदालत ने नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए त्रिभाषा नीति से जुड़ी समस्याओं का समाधान खोजने पर बल दिया था। कहा था कि नीति लाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन याचिकाकर्ताओं को सिर्फ इस बात की चिंता थी कि इसे किस तरह से लागू किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जिस एक बात पर विचार किया जाना था, वह यह थी कि उपलब्ध भाषा विकल्पों के लिए पर्याप्त मानव संसाधन ढांचा कैसे तैयार किया जाए।
शीर्ष अदालत 27 मई को इस नीति को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने के लिए सहमत हो गई थी तथा उसने केंद्र, सीबीएसई एवं राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था
सीबीएसई द्वारा जारी एक परिपत्र के अनुसार एक जुलाई से नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य कर दी गई है, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होनी चाहिए।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
