नई दिल्ली। अलगाववादी नेता मसरत आलम की रिहाई पर हो रही भाजपा और केंद्र की किरकिरी के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। इस बाबत आज भी विपक्ष ने सदन में केंद्र सरकार को घेरने की जबरदस्त कोशिश की थी। आलम की जेल से रिहाई के आदेश जम्मू कश्मीर सरकार के मुखिया मुफ्ती मोहम्मद सईद ने पदभार ग्रहण करने के कुछ देर बाद ही दिए थे। वह बारामुला जेल में कई वर्षों से बंद था। आलम को गिरफ्तार करने से पूर्व उसपर दस लाख का इनाम था। इस पूरे मुद्दे पर आज प्रधानमंत्री ने भी सदन में जवाब दिया।

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एक ओर जहां पीडीपी आलम की रिहाई के फैसले को सही बताया है। वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है। राजनाथ सिंह ने आज सदन में इस बाबत जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने राज्य सरकार से जवाब मांगा है, जैसे ही यह रिपोर्ट आती है हम वैसे ही इसकी जानकारी सदन को देंगे। वहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जो हुआ उसकी जानकारी हमें नहीं थी।

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Edited By: Kamal Verma