नई दिल्ली, प्रेट्र। केंद्र ने पालतू जानवरों से जुड़ी दुकानों को नियंत्रित करने के लिए नियमों की घोषणा की है। इसके तहत अब ऐसी दुकानों को राज्य पशु कल्याण बोर्ड से पंजीकरण का प्रमाणपत्र लेना होगा। भारत में पालतू पशुओं की खरीद और ब्रिकी से जुड़ी दुकानों में आवास और देखभाल संबंधी कानूनों की घोषणा पर पशुओं के कल्याण से जुड़ी संस्था ने प्रसन्नता जाहिर की है। इस संबंध में पर्यावरण मंत्रालय ने दिसंबर 2016 में एक मसौदा नियम जारी किया था और विभिन्न पक्षों से राय मांगी थी। इन्हीं मशविरों को शामिल करते हुए कानून बनाया गया है।

पर्यावरण मंत्रालय द्वारा अधिसूचित जानवरों की क्रूरता (पालतू जानवरों की दुकान) निरोधक अधिनियम-2018 के मुताबिक, सभी दुकानों को पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही उन्हें राज्य के पशु कल्याण बोर्ड को प्रति वर्ष एक रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसमें पूरे साल के दौरान बेचे गए पशु, कुल व्यापार, मरे हुए पशुओं की संख्या आदि के बारे में बताना होगा।

नय नियमों के तहत इस तरह की दुकान का या तो एक निश्चित ढांचा हो या फिर वह एक ऐसी इमारत में चल रही हों, जहां पर पावर बैकअप के साथ ही पानी और बिजली सहित सभी प्रकार की आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों। यहां पर जानवरों को स्थिति, आकार, तापमान, प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन, सफाई और अन्य मानकों के अनुसार रखना होगा।

नए कानून में यह भी कहा गया है कि अगर पशु कल्याण बोर्ड के इंस्पेक्टर के निरीक्षण के दौरान मानकों में अनियमितता मिलती है तो पंजीकरण रद करने के संबंध में नोटिस जारी किया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर पंजीकरण रद भी किया जा सकता है। पीपुल्स फॉर एनिमल्स (पीएफए) की ट्रस्टी गौर मौलेखी ने नए नियमों पर प्रसन्नता जाहिर की है।

Posted By: Ravindra Pratap Sing